जल, जंगल, जमीन की सुरक्षा समाज के लिए बड़ी चुनौती-आरएन ध्रुव

धमतरिहा के गोठ
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संजय छाजेड़।

धमतरी। पूरे समाज के प्रेरणा स्त्रोत छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम सेनानी जन जन के मसीहा शहीद वीर नारायण सिंह जी के शहादत दिवस कार्यक्रम में भाटापारा बलौदाबाजार विधानसभा के नवनिर्वाचित विधायको व समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिभावान का सम्मान किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आरएन ध्रुव प्रांताध्यक्ष अजजा् शासकीय सेवक विकास संघ छत्तीसगढ़, अध्यक्षता बंशीलाल नेताम अध्यक्ष गोंड़ समाज मावली महासभा, अति विशिष्ट अतिथि  इन्द्र साव जी विधायक भाटापारा, विशेष अतिथि राकेश वर्मा अध्यक्ष जिला पंचायत बलौदाबाजार, श्रीराम ध्रुव जिलाध्यक्ष, श्याम ध्रुव, ब्लॉक अध्यक्ष, मुरीत कुमार ध्रुव उपाध्यक्ष मांवली महासभा, कृपाराम ध्रुव सलाहकार मांवली महासभा, दौलत कुंजाम अध्यक्ष टोनाटार चक , हनुमंत ध्रुव  अध्यक्ष सुरखी चक, नरेश नेताम अध्यक्ष लेवई चक,  संतराम नेताम अध्यक्ष मोपका चक , रामसिंग ध्रुव  अध्यक्ष खैरा चक , मेमसिंह ध्रुव अध्यक्ष कोलियारी चक,  कल्याण सिंह ध्रुव  अध्यक्ष टिकुलिया चक,  भागमती ध्रुव सदस्य जिला पंचायत, पार्वती राजेन्द्र यादव जनपद सदस्य, पीलाराम सेन सरपंच ग्राम पंचायत मिरगी थे।

      इस अवसर पर सुपरस्टार गायक कांशी छेदईहा आदिवासी बघवा कृत सांस्कृतिक कार्यक्रम ने सबका मन मोह लिया। इस अवसर पर विराट रैली निकाली गई। मुख्य अतिथि आर एन ध्रुव ने कहा कि बलौदाबाजार जिला कबीर पंथ के 12 वे गुरु उग्रनाम साहब द्वारा स्थापित कबीर मठ की स्थापना दामाखेड़ा के लिए प्रसिद्ध है ।साथ ही शहीद वीर नारायण सिंह सोनाखान की अंग्रेजों के खिलाफ  क्रांति, ऊंच.नीच का भेदभाव को खत्म कर मनखे मनखे एक समान का संदेश देने वाले गुरु घासीदास बाबा गिरौदपुरी की जन्मस्थली के कारण पूरे दुनिया में विख्यात है। उन्होंने कहा कि उस समय शहीद वीर नारायण सिंह जी भयए भूख, भ्रष्टाचार को खत्म करने हेतु अंग्रेजों के आतंक के खिलाफ  आजादी हेतु लड़ाई लड़ी थी। लेकिन अब लड़ाई की परिभाषा बदल गई है। वर्तमान समय में जल, जंगल,जमीन की सुरक्षा समाज के लिए बड़ी चुनौती है।  अब समाज को शिक्षा रूपी अस्त्र को अपनाकर मजबूत संगठन शक्ति से ही अन्य विकसित समाज के बराबर आगे आ सकते हैं। कार्यक्रम में गोंड़ समाज टोनाटार चक एवं समस्त डिहवार परसाडीह ;मिरगीद्ध से बड़ी संख्या में सामाजिक गण उपस्थित थे।

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