भगवान भक्ति की आवाज सुनते हैं व्यक्ति की नहीं......

धमतरिहा के गोठ
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संजय छाजेड़ 
*भगवान भक्ति की आवाज सुनते हैं व्यक्ति की नहीं*......
रतनपुर/ परम पूज्य गुरुदेव श्री संकर्षण शरण जी (गुरुजी) ने आज श्रीमद् भागवत कथा में यह बताएं कि भगवान भक्ति की आवाज सुनते हैं व्यक्ति की नहीं यदि कोई भाव भक्ति से भगवान को स्मरण करते हैं भगवान तुरंत आ जाते हैं लेकिन व्यक्ति अपने स्वार्थ से बुलाते हैं वह भगवान नहीं सुनते भक्ति भगवान को प्राप्ति करने का साधन है भक्ति के कारण गोपिया भगवान को नचाती थी,भक्ति को भगवान ने सबके हृदय में स्थान दिए और जब हमारे हृदय में भक्ति प्रकट हो जाती है तब भगवान उस पुकार को तुरंत सुनते हैं, गुरुदेव बताएं कि जब हम कान से भगवान की कथा सुनते हैं तो भक्ति का जन्म होता है,आगे गुरुजी भागवत के महत्व पर प्रकाश डालते हुए यह बताएं कि हम सब का पूरा जीवन अधूरा है क्योंकि हम सब बाकी सब कुछ जानते रहते हैं सब कुछ करते रहते हैं और उन चीजों का त्याग कर देते हैं जो हमें नहीं करना चाहिए और त्याग कैसे हो जाता है अज्ञानता के कारण। भागवत जी हम सबको ज्ञान की शिक्षा देते हैं ज्ञान से ही समझ पाते है कि कर्म कौन -सा कर्म श्रेष्ठ है कौन सा कर्म हम लोग कर रहे हैं और कौन सा कर्म नहीं करना चाहिए । हम लोग गलत कर्म को अपना कर्म समझ लिए हैं और वही करते चले जा रहे हैं उस अशुद्ध कर्म को भागवत जी समझाते हैं कि यह गलत है जो सोच रहे है , कर रहे है जो भक्ति हम लोग करते हैं उस भक्ति के विषय में भागवत जी समझाते हैं कि तुम्हारी भक्ति शुद्ध भक्ति नहीं हो पा रही है उस भक्ति में किंतु, परंतु और स्वार्थ भरा हुआ है, जो पूजा- पाठ और आरती कीर्तन भजन को भक्ति समझ लेते है वास्तव में भक्ति नहीं है किंतु तुम करना चाहते हो तुम नहीं जानते इसलिए तुमसे नहीं हो पा रहा है ,जब भक्ति जान जाओगे तो सत्य ही करने लग जाओ भागवत जी शुद्ध भक्ति का ज्ञान देते हैं ,भागवत जी में ज्ञान,भक्ति,कर्म और हर स्थिति को संभालने के लिए जीवन में शिक्षा देते हैं संतुलन बनाए रखने के लिए जीवन में कैसे संतुलन रहे उस संतुलन से परिवार शरीर स्वयं को रिश्ते को समाज को संसार को संभाल सकते हैं अगर संतुलन नहीं होगा तो जीवन में भटकाव होता है। जीवन की व्यथा को दूर करने के लिए भगवान की कथा अत्यंत आवश्यक है काफी संख्या में लोगों की भीड़ रही आयोजक श्रीमती सावित्री संतोष गुप्ता ने बताया कि कल से 3:00 बजे कथा आरंभ हो जाएगी।

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