संजय छाजेड़।
धमतरी। शहर धमतरी एवं आसपास के ईलाकों में अवैध प्लाटिंग का कार्य बदस्तूर जारी है। इसे लेकर कलेक्टर ऋतुराज रघुवंशी द्वारा कार्यवाही भी करवाई जा रही है। जैसे ही भूमाफियाओं को पता लगा कि साहब छुट्टी में चले गये हैं तो मानो उनकी बांछे खिल गई हैं और वे अपने अधूरे कार्यों को दु्रतगति से करवा रहे हैं जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण ग्राम तेलीनसत्ती में तेजी से चल रहे अवैध प्लाटिंग के कार्य से लगाये जा सकता है। उल्लेखनीय रहे कि रूद्री रोड कलेक्टर बंगला के समीप, ग्राम मुड़पार में अवैध प्लाटिंग का कार्य लगातार चल रहा है, इस पर अब तक कोई ठोस कार्यवाही नही हुई है। कार्यवाही के बाद लगातार की जा रही है इसी बीच साहब अवकाश पर चले गये है जिसका फायदा भू माफिया उठा रहे है और निर्माण कार्य में एकाएक तेजी देखने को मिला है। जहां बहुत बड़े भूभाग पर बिना अनुमति के सडक़ सहित अन्य निर्माण कार्य तेजी से जारी कर दिया गया है। सडक़ इत्यादि का काम पूरा हो चुका है। स्थल पर उपस्थित कुछ लोगों ने बताया कि संबंधित माफियाओं द्वारा यह कहा जा रहा है कि उक्त कार्य को पांच दिन के भीतर पूरा करना है, अन्यथा यह कार्य नहीं हो पायेगा।
भू-माफियाओं द्वारा बिना किसी अनुमति के सस्ते
दर पर भूमि खरीदकर उसे अवैध प्लाटिंग के रूप में तब्दील किया जाता है और उसे ऊंचे दर
पर बेचा जाता है। इसमें वह बेचारे लोग फंस जाते हैं जो आशियाना बनाने के फिराक में
रहते हैं। इन्हें सर्वसुविधायुक्त कालोनी बनाने का सब्जबाग दिखाकर रजिस्ट्री करा लेते
हैं। लेकिन जब जमीन खरीददार को यह पता चलता है कि यहां कोई सुविधा उन्हें उपलब्ध नहीं
हैं और वे अपने पैसे की वापसी की मांग करते हैं तो उन्हें यह कहकर शांत करा दिया जाता
है कि हमारा काम भूमि विक्रय करना था, और मकान बनाकर देना था, हमने दे दिया, अब पैसा
वापस नहीं होगा। इस तरह क्रेता ठगे से रहकर कोई कार्यवाही नहीं करते क्योंकि इन्हें
मालूम है कि भूमाफियाओं का सिस्टम इतना तगड़ा है कि उन्हें पल-पल की जानकारी और कोई
नहीं बल्कि विभाग के कुछ लोग दे देते हैं। जैसा कि कुछ लोगों ने कलेक्टर श्री रघुवंशी
के ट्रेनिंग में जाने की जानकारी उन्हें दी और निर्माण कार्यों को शीघ्रातिशीघ्र पूर्ण
कराने को कहा। इसी खबर पर भूमाफिया फिर से सक्रिय हो गये जिससे जागरूक लोगों में चर्चा
है कि एक ओर जिला प्रशासन के मुखिया भूमाफियाओं एवं अवैध प्लाटिंग तथा अतिक्रमण पर
लगातार कार्यवाही कराते हैं वहीं दूसरी ओर इनके अधिनस्थ कुछ लोग समय बे समय भूमाफियाओं
को ऐसी खबर देकर उन्हें कार्य हेतु उत्प्रेरित करते हैं।
बताया जाता है कि शहर में भूमाफियाओं के द्वारा
अवैध कालोनियों का निर्माण कर लिया गया जिसे लेकर नगर निगम द्वारा उपरोक्त अवैध कालोनियों
को नियमितिकरण के लिये नोटिसें भी जारी की गई जिनमें से कुछ लोगों ने नोटिस का जवाब
देकर इसका लाभ लिया परंतु अधिकांश लोगों ने इस पहल पर कोई ध्यान नहीं दिया। आज हालत
यह है कि अवैध प्लाटिंग एवं अवैध विकास के चलते शहर के बरसाती पानी का निकासी भी बाधित
हो रहा है। पिछले दो वर्षों से बरसाती पानी के निकासी वाले भाग को भी भवन निर्माण करने
वालों ने घेरकर रख दिया जिसके कारण राष्ट्रीय राजमार्ग में घुटने तक पानी से लोगों
को दो-चार होना पड़ता है। ऐसे भवन निर्माण और अवैध प्लाटिंग को लेकर जब तक ठोस कार्यवाही
नहीं होगी अर्थात एफआईआर नहीं होगा तब तक शायद यह अवैध निर्माण बदं नहीं होगा। इसके
लिये शासन प्रशासन को गंभीरता से मनन कर इस पर त्वरित कार्यवाही करना चाहिये ऐसा जागरूक
लोगों का मत है। कलेक्टर के अनुपस्थिति में जिस प्रकार मुड़पार एवं तेलीनसत्ती में
अवैध निर्माण जारी है, उसे लेकर भी फौरी कार्यवाही की मांग बलवती हो रही है। इसके लिये
जब तक अलग से कोई टीम नहीं बनाई जायेगी, तब तक शायद भूमाफियाओं की यह लीला समाप्त नहीं
हो पायेगी। अब देखना यह है कि शासन प्रशासन इस पर क्या कदम उठाता है।
उल्लेखनीय रहे कि जिले के तेज तर्रार कलेक्टर ऋतुराज रघुवंशी ने अवैध प्लाटिंग करने वालो पर नकल कसते हुए कई खसरा नंबर के जमीनो के पंजीयन न करने का आदेश रजिस्ट्रार को दिया गया है। इसका भी भू माफियाओं पर कोई असर देखने को नही मिल रहा है। अब देखना यह है कि भू माफिया पर बुलडोजर कब चलता है?

