कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कवि, कहानीकार एवं प्रभावशाली मंच संचालक तथा राजस्व निरीक्षक (वर्क लोड), भू-अभिलेख शाखा, जिला धमतरी दीपचंद भारती रहे। मुख्य अतिथि का स्वागत एवं सम्मान विशेष बच्चों ने गीत प्रस्तुत कर किया।कार्यक्रम का विशेष आकर्षण “हिंदी शब्दों का उपहार” रहा। बच्चों ने सुंदर कार्ड्स पर लिखे प्रेम, खुशी, सम्मान, दोस्ती, सहयोग और विश्वास जैसे शब्द एक-दूसरे को उपहार में दिए। वहीं शिक्षकों, संस्था की अध्यक्ष, सचिव, पालकों एवं मुख्य अतिथि ने भी एक-दूसरे को स्नेह, अपनापन, भाव, उम्मीद और आत्मविश्वास जैसे सुंदर शब्दों के कार्ड भेंट किए। इस अनूठी गतिविधि के माध्यम से बच्चों ने हिंदी भाषा की भावनात्मक सुंदरता को सहज एवं मनमोहक ढंग से प्रस्तुत किया। बच्चों की सरल और मनभावन प्रस्तुतियों ने उपस्थित अतिथि, सदस्यों, शिक्षकों एवं अभिभावकों का मन मोह लिया। इस अवसर पर बच्चों ने संदेश दिया कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी भावनाओं, संस्कारों और आपसी जुड़ाव की भाषा है।
अध्यक्ष डॉ. सरिता दोशी ने कहा कि, इस वर्ष हिंदी दिवस को एक अलग और आत्मीय रूप देने का प्रयास किया गया। “हिंदी शब्दों का उपहार” के माध्यम से बच्चों ने बताया कि कुछ शब्द केवल शब्द नहीं होते, वे रिश्तों और भावनाओं को जोड़ने का माध्यम बन जाते हैं। जब बच्चों ने एक-दूसरे को प्रेम, खुशी, दोस्ती, सम्मान, सहयोग और विश्वास जैसे शब्द उपहार में दिए, तो लगा कि इन छोटे-छोटे शब्दों में कितनी बड़ी भावनाएँ छिपी हैं। विशेष बच्चों के लिए भाषा सीखना केवल पढ़ना-लिखना नहीं, बल्कि शब्दों के माध्यम से अपनी भावनाओं को समझना और व्यक्त करना भी है। हिंदी ने आज बच्चों के बीच भावनाओं और अपनत्व का एक सुंदर सेतु बना दिया।
मुख्य अतिथि श्री भारती बच्चों से मिलकर भावुक हो उठे। उन्होंने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनसे आत्मीय संवाद किया और छोटी-छोटी प्रेरक कहानियाँ सुनाकर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि, विशेष बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता है उन्हें समझने, प्रोत्साहित करने और आगे बढ़ने के अवसर देने की। उन्होंने बच्चों के प्रशिक्षण में सहयोग के लिए सहयोग राशि भी भेंट की। सार्थक की सचिव श्रीमती स्नेहा राठौड़ ने मुख्य अतिथि, अभिभावकों, शिक्षकों एवं सभी उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त स्टाफ का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर वरिष्ठ प्रशिक्षक मैथिली गोड़े, संगीत प्रशिक्षक देविका दीवान, कंप्यूटर प्रशिक्षक कौशिल्या यादव, एवं नृत्य प्रशिक्षक काजल रजक, आया बाई सुनैना गोड़े एवं पालक सविता शेख की विशेष सहभागिता रही।



