संजय जैन
धमतरी ▪️छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 02 अक्टूबर 2026 तक प्रदेशव्यापी “साइबर जागृति अभियान” चलाया जा रहा है। अभियान के चौथे सप्ताह (06 से 12 सितंबर) में पुलिस अधीक्षक धमतरी श्रीमती भावना पांडेय (भा.पु.से.) के निर्देशन एवं राजपत्रित अधिकारियों के मार्गदर्शन में धमतरी पुलिस द्वारा महिलाओं, छात्राओं एवं आम नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसी क्रम में 10 सितंबर 2026 को अर्जुनी, रूद्री, भखारा, मगरलोड, बिरेझर, केरेगांव, अकलाडोंगरी, नगरी, सिहावा एवं बोरई थाना/चौकी क्षेत्रों के ग्रामीण इलाकों, बाजारों एवं सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। कार्यक्रमों में 800 से अधिक नागरिकों ने सहभागिता कर साइबर सुरक्षा की महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने नागरिकों को OTP, UPI PIN, बैंक डिटेल, ATM/डेबिट कार्ड की जानकारी एवं पासवर्ड किसी से साझा नहीं करने, संदिग्ध लिंक एवं फर्जी वेबसाइट से बचने तथा अनजान ऐप्स को अनावश्यक परमिशन नहीं देने की समझाइश दी। साथ ही अनजान व्यक्ति को स्क्रीन शेयर या रिमोट एक्सेस नहीं देने और सोशल मीडिया अकाउंट को सुरक्षित रखने के उपाय बताए गए।
महिलाओं एवं छात्राओं को फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल, साइबर बुलिंग, ऑनलाइन उत्पीड़न एवं आपत्तिजनक संदेशों से बचाव के संबंध में जागरूक किया गया। संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि होने पर डिजिटल साक्ष्य सुरक्षित रखने और तत्काल पुलिस से संपर्क करने की सलाह दी गई।
*साइबर ठगी होते ही 1930 पर करें कॉल*
धमतरी पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि साइबर ठगी होने पर घबराएं नहीं और तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें। साथ ही नजदीकी थाना/साइबर सेल को सूचना दें। समय पर शिकायत मिलने से ठगी गई राशि को रोकने एवं आवश्यक कार्रवाई में पुलिस को मदद मिल सकती है।
*धमतरी पुलिस की अपील*
“सतर्क रहें, सुरक्षित रहें। अनजान कॉल, लिंक, मैसेज और ऑनलाइन ऑफर पर बिना सत्यापन भरोसा न करें। अपनी डिजिटल एवं वित्तीय जानकारी गोपनीय रखें। साइबर सुरक्षा केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।




