अखिल भारतीय जनसंघ ने छत्तीसगढ़ में किया संगठन विस्तार।

धमतरिहा के गोठ
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संजय जैन 
प्रेस विज्ञप्ति 
रायपुर | *पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीन दयाल उपाध्याय एवं बलराज मधोक जी के नेतृत्व में 1951 में स्थापित प्रखर राष्ट्रवाद और हिंदुत्व के विचारधारा से ओतप्रोत राजनीतिक दल अखिल भारतीय जनसंघ छत्तीसगढ़, ने आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए संगठन विस्तार की तैयारी शुरू कर दिया है।* 
आजादी के बाद कांग्रेस सरकार के खिलाफ चुनाव लड़ने वाला महत्वपूर्ण दल भारतीय जनसंघ ,जिन्होंने पूरे देश में राष्ट्रवाद और हिंदुत्ववाद के विचारों को लेकर चुनाव लड़ा और अलग अलग लोकसभा और विधानसभा चुनावों में जीत का परचम लहराया था।

आपातकाल के उपरांत 1977 में भारतीय जनसंघ का विलय जनता पार्टी (हलधर किसान)में किया गया था।
डॉ बलराज मधोक जी ने 1979 में पुनः भारतीय जनसंघ को, उनके मूल विचारों और सिद्धांतों के साथ अखिल भारतीय जनसंघ के नाम से चुनाव आयोग में रजिस्ट्रेशन कराया।
 एक वर्ष उपरांत 1980 में अटल बिहारी वाजपेई जी ने अपने पांच साथियों के साथ, जिनमें सिकन्दर बख्त जी प्रमुख थे, अटलजी की अगुवाई में, भारतीय जनता पार्टी नाम से एक राजनीतिक पार्टी बनाई, जिनकी विचारधारा भाजपा के संविधान में है। 


आज हिंदू समाज को महसूस हो रहा है,कि उनके साथ भेदभाव और अन्याय हो रहा है, इसलिए हिंदुओं के अंदर जागृति लाने के लिए, उनके अंदर संगठन का भाव उत्पन्न हो इसकी आवश्यकता है।

छत्तीसगढ़ में हिन्दू विरोधी गतिविधियों में, विशेष रूप से धर्मांतरण की बढ़ोतरी देखी जा रही है।
इसलिए सामाजिक एवं राजनीतिक न्याय की स्थापना हेतु, छत्तीसगढ़ में, आज पुनः *अखिल भारतीय जनसंघ ने* अपने संगठन के विस्तार की तैयारी शुरू कर दी है। जिसके तहत अखिल भारतीय जनसंघ के , छत्तीसगढ़ प्रांत संयोजक डॉ रवि श्रीवास जी ने, प्रदेश और जिला स्तर में कुछ मोर्चा और प्रकोष्ठों में दायित्वों की घोषणा की है।
 अखिल भारतीय जनसंघ, सबसे महत्वपूर्ण कार्य के रूप में छत्तीसगढ़ में राष्ट्रवाद की भावना को ,पूरे छत्तीसगढ़वासियों के दिलों में स्थापित करने का काम करेगा।

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