बेटी को उपहार ग्रुप ने संघर्षशील हीरा लाल ढीमर को किया सम्मानित, नई बैटरी के लिए दिया सहयोग

धमतरिहा के गोठ
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संजय छाजेड़ 
परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि व्यक्ति के भीतर मेहनत, हौसला और स्वाभिमान हो तो वह अपने जीवन को संवारने का रास्ता स्वयं तलाश लेता है। ऐसे ही संघर्षशील एवं कर्मठ व्यक्तित्व हीरा लाल ढीमर, धमतरी से लगभग 18 किलोमीटर दूर स्थित छाती ग्राम निवासी, का “बेटी को उपहार ग्रुप” ने “दिव्यांग बने सशक्त” अभियान के अंतर्गत सम्मान किया और उनकी मोटराइज्ड ट्राइसिकल की नई बैटरी एवं अन्य रिपेयरिंग के लिए सहयोग राशि प्रदान की।रायपुर रोड स्थित श्रीमती वंदना एवं प्रदीप शर्मा के निवास स्थान पर आयोजित एक संक्षिप्त एवं आत्मीय कार्यक्रम में वंदना शर्मा, प्रदीप शर्मा, नेहा गोयल एवं डॉ. सरिता दोशी ने हीरा लाल ढीमर को तिलक लगाकर एवं शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया।
समाज कल्याण विभाग, धमतरी द्वारा लगभग दो वर्ष पूर्व हीरा भैया को मोटराइज्ड ट्राइसिकल प्रदान की गई थी। यह ट्राइसिकल उनके लिए केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि जीविकोपार्जन का मुख्य माध्यम बन गई। वे छाती से धमतरी आकर किराने एवं अन्य आवश्यक सामान खरीदकर ले जाते हैं और घर में ही अपनी छोटी-सी दुकान में रखकर बेचते हैं। इसके साथ ही वे कपड़ों की रिपेयरिंग का काम भी करते हैं।
ट्राइसिकल की बैटरी खराब हो जाने और उसमें अन्य रिपेयरिंग की आवश्यकता पड़ने से उनका आवागमन और कामकाज काफी प्रभावित हो गया था। ऐसी स्थिति में “बेटी को उपहार ग्रुप” ने उनकी परेशानी को समझते हुए सहयोग का निर्णय लिया, ताकि उनकी ट्राइसिकल पुनः सुचारु रूप से चल सके और वे अपने काम के माध्यम से आत्मनिर्भर बने रहें। इस अवसर पर वंदना एवं प्रदीप शर्मा ने बताया कि, हीरा भैया एक बेहद खुद्दार और मेहनती इंसान हैं। वे कभी किसी के सामने अपनी आर्थिक परेशानी या जरूरत को दयनीय रूप में प्रस्तुत नहीं करते। ट्राइसिकल खराब होने के कारण जब उनके काम और आने-जाने में परेशानी बढ़ी, तभी उन्होंने अपनी आवश्यकता बताई। उनकी मेहनत, आत्मसम्मान और संघर्ष की भावना वास्तव में प्रेरणादायी है।हीरा भैया के परिवार में उनकी पत्नी और बुजुर्ग मां हैं। उनकी पत्नी भी दूसरों के खेतों में मेहनत करती हैं। दोनों पति-पत्नी मिलकर मेहनत से अपना घर चलाते हैं और सीमित साधनों के बावजूद स्वाभिमान के साथ जीवन जी रहे हैं।
“बेटी को उपहार ग्रुप” की संयोजिका डॉ. सरिता दोशी ने बताया कि ग्रुप के सदस्य मिलकर बेटियों की शादी में उपहार, पढ़ने वाली बेटियों को सहयोग, जरूरतमंद दिव्यांगजनों के हितार्थ राशन अथवा आवश्यकतानुसार अन्य सहयोग तथा प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने के लिए पौधारोपण जैसे कार्य यथासंभव करते हैं। “दिव्यांग बने सशक्त” के अंतर्गत प्रयास रहता है कि दिव्यांगजनों को केवल सहायता ही नहीं, बल्कि सम्मान, संबल और आत्मनिर्भरता की दिशा में सहयोग मिले।हीरा लाल ढीमर ने इस सहयोग के लिए “बेटी को उपहार ग्रुप” के सभी सदस्यों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नई बैटरी मिलने से उनकी ट्राइसिकल फिर से चल सकेगी और उन्हें अपने काम के लिए आने-जाने में काफी सुविधा होगी।
इस अवसर पर ग़ज़ल शर्मा एवं पहेली शर्मा का विशेष सहयोग रहा।इस सहयोग में वंदना शर्मा, प्रदीप शर्मा, रसीला बेन दोशी, वंदना मिराणी, प्रभा रावत, रजनी शर्मा, धनवती किरी, अर्चना शर्मा, नेहा गोयल सहित ग्रुप के सदस्यों का योगदान रहा। एक सहयोगी सदस्य ने गुप्त दानदाता के रूप में अपना योगदान दिया।

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