पं. दीनदयाल उपाध्याय जयंती पर धमतरी में समर्पण दिवस श्रद्धा और विचारों के साथ मनाया गया

धमतरिहा के गोठ
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संजय छाजेड़ 
धमतरी।
पंडित दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती को समर्पण दिवस के रूप में भाजपा कार्यालय धमतरी में गरिमामय वातावरण में मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत जिलाध्यक्ष प्रकाश बैस द्वारा प्रस्तावना के साथ की गई। उन्होंने कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय जी का जीवन संगठन के प्रति समर्पण, सादगी और राष्ट्रसेवा का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे दीनदयाल जी के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का कार्य करें।
मुख्य वक्ता प्रदेश उपाध्यक्ष भाजपा श्रीमती रंजना साहू ने अपने विस्तृत संबोधन में कहा कि पं. दीनदयाल उपाध्याय जी द्वारा प्रतिपादित “अंत्योदय” का सिद्धांत केवल एक विचार नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और समावेशी विकास का आधार है। उन्होंने कहा कि अंत्योदय का अर्थ है समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति के जीवन में वास्तविक और स्थायी परिवर्तन लाना। दीनदयाल जी का सपना था कि विकास की धारा समाज के हर वर्ग तक पहुँचे और कोई भी नागरिक अपने को उपेक्षित महसूस न करे।
उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र सरकार दीनदयाल जी के विचारों को व्यवहार में उतार रही है। आज गरीबों के लिए पक्का मकान, महिलाओं के लिए रसोई गैस, गरीब परिवारों के लिए मुफ्त इलाज, हर घर नल से जल, किसानों के लिए सम्मान निधि और गरीबों को मुफ्त राशन जैसी योजनाएं केवल योजनाएं नहीं, बल्कि गरीब के जीवन में सम्मान और आत्मविश्वास लौटाने का माध्यम बनी हैं।
श्रीमती साहू ने कहा कि सरकार की नीतियों का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि गरीब को आत्मनिर्भर बनाना है। स्वरोजगार योजनाएं, कौशल विकास कार्यक्रम और डिजिटल इंडिया जैसी पहल गरीब युवाओं को आगे बढ़ने का अवसर दे रही हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे बूथ स्तर पर जाकर यह सुनिश्चित करें कि सरकार की योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्ति तक अवश्य पहुँचे। उन्होंने कहा कि राजनीति सत्ता नहीं, सेवा और समर्पण का माध्यम है।
दूसरे मुख्य वक्ता भाजपा नेता नगरी श्री रवि दुबे ने पं. दीनदयाल उपाध्याय जी के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि दीनदयाल जी का संपूर्ण जीवन त्याग, सादगी और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत रहा है। उन्होंने “एकात्म मानव दर्शन” की व्याख्या करते हुए कहा कि यह दर्शन मनुष्य के भौतिक, सामाजिक, बौद्धिक और आध्यात्मिक विकास का समन्वय करता है। दीनदयाल जी का मानना था कि केवल आर्थिक विकास पर्याप्त नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों के साथ संतुलित विकास ही राष्ट्र को सशक्त बनाता है।
उन्होंने अंत्योदय की अवधारणा पर बोलते हुए कहा कि समाज के सबसे कमजोर व्यक्ति की चिंता करना ही सच्ची राजनीति है। यदि अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ नहीं पहुँचेगा तो विकास अधूरा रह जाएगा। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे दीनदयाल जी के विचारों को पढ़ें, समझें और सेवा, ईमानदारी व राष्ट्रभक्ति को अपने जीवन का मूल मंत्र बनाएं। उन्होंने कहा कि पद छोटा हो या बड़ा, सेवा का भाव बड़ा होना चाहिए।
कार्यक्रम में मंचासीन अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग आयोग नेहरू निषाद, महापौर धमतरी नगर निगम रामु रोहरा, पूर्व जिला अध्यक्ष भाजपा ठाकुर शशि पवार उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन चेतन हिंदूजा, कार्यक्रम संयोजक द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शिव शर्मा, कविंद्र जैन, विजय साहू, दयाराम साहू, डनिस चंद्राकर, शुभम जायसवाल, हेमंत चंद्राकर, गौरव मगर, रोहिताश मिश्रा, हिरेंद्र साहू, विनय जैन, पवन गजपाल, मिश्री पटेल, अमन राव, हिमांशु साहू, निरंजन साहू, सरला जैन, अंगिरा ध्रुव सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे।
यह जानकारी उमेश साहू, जिला मीडिया प्रभारी ने दी

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