खबर जरा हट के : फरमान-टारगेट फिक्स, पूरा करो, वरना बोरिया बिस्तर बांध लो...

धमतरिहा के गोठ
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संजय छाजेड़ 

धमतरी । जिले में अनेक शासकीय कार्यालय संचालित हैं। सभी शासकीय कार्यालयों के लिये अलग अलग जिम्मेदारी भी तय की गई है। वर्तमान में ऐसे ही एक कार्यालय के प्रमुख अधिकारी की कार्यप्रणाली इन दिनों विभाग सहित शहर के चाय ठेले, पान ठेले, होटल इत्यादि स्थानों पर काफी चर्चा का विषय बनी हुई है जिसमें उन्होंने अपने अधिनस्थों को एक फरमान जारी कर टारगेट फिक्स कर दिया है और यह भी कहा है कि टारगेट पूरा करो, वरना आप अपना बोरिया-बिस्तर समेट लो। इस फरमान से विभाग के अनेक अधिकारी पीडि़त हैं। इस तुगलकी आदेश के चलते ही एक अफसर ने तो अपना स्थानांतरण करवा लिया, वहीं अनेक कर्मी मंदिरों में जाकर मत्था टेक रहे हैं कि उक्त अधिकारी से हमें निजात मिले। ऐसा नहीं है कि वरिष्ठ अधिकारी को इसकी जानकारी नहीं है। फिर भी वे अपने रवैये को बदलने की कोशिश नहीं कर रहे हैं और यहां तक कुछ दिनों पहले एक कार्यक्रम के दौरान ऐसे लोगों को उपकृत किया जिन्होंने टारगेट पूर्ण किया था। इसे लेकर भी विभाग में तरह तरह की चर्चा व्याप्त है।

विभाग प्रमुख होने के नाते उनकी जवाबदारी समूचे स्टाफ को साथ लेकर चलने की होती है। लेकिन उनके द्वारा विभाग के कर्मियों को लगातार प्रताडि़त किया जाता रहा है। यही नहीं उनके कार्यालय के अधीन अनेक ऐसे जिम्मेदारी वाले क्षेत्र आते हैं। वहां पदस्थापना के लिये एक फरमान जारी कर दिया गया है जिसके चलते टारगेट फिक्स है जिसे पूरा करो वरना बोरिया बिस्तर बांध लो। इस अधिकारी के तुगलकी आदेश और नादिरशाही व्यवहार के चलते विभाग में रहने वाले अधिकारी, कर्मी बेहद परेशान हैं। खबर के मुताबिक इस अधिकारी से निजात पाने के लिये एक अधिकारी ने अपना स्थानांतरण करा लिया। विभाग में अनेक कर्मी दबाव में रहकर कार्य कर रहे हैं। अनेक ऐसे लोग हैं जो उनके समक्ष जाने की कोशिश नहीं करते जिसका कारण यह है कि न जाने अफसर उनको किस कार्य में लगा दे। यही भय से वे चुपचाप निकलना ही अपनी भलाई समझते हैं। खबर तो यह भी है कि जिले में उक्त अधिकारी के अधीन अनेक जिम्मेदारी वाले क्षेत्र हैं जहां जाने के लिये अधिकारी, कर्मी लालायित दिखते हैं, तो उससे पहले सौदेबाजी होती है और टारगेट फिक्स कर दिया जाता है और सहमति पश्चात कार्यों का विभाजन किया जाता है।

बताया जाता है कि जबसे यह धमतरी जिले में पदस्थ हुए हैं, तबसे विभाग में असंतोष की लहर चल रही है। अधिनस्थों ने यह उम्मीद जताई थी कि हमें पूर्व की तरह पदभार संभाले अधिकारी भी हमें पूरी तरह अपना स्नेह प्रदान करेंगे किंतु उनकी सोच उस वक्त उल्टी हो गई जब उन्होंने अपने अधिकारी, कर्मचारियों के साथ सौतेला व्यवहार प्रारंभ कर दिया। दबाव पूर्वक प्रत्येक काम को करवाने में वरदहस्त प्राप्त इस अधिकारी ने अपने कार्यकाल के दौरान विभाग के लोगों का विश्वास नहीं जीता और उन पर अनाधिकृत रूप से दबाव डालकर अपनी स्वार्थपूर्ति प्रारंभ कर दी। कुछ पीडि़त लोगों ने उक्त अधिकारी के रवैये को लेकर खासी नाराजगी भी जाहिर की है। ऐसे कर्मियों का कहना है कि हमारे सर्विस रिकॉर्ड में आज तक ऐसे तानाशाह किस्म के अधिकारी को नहीं देखा जो न सिर्फ जिले के लिये अपवाद साबित हो रहे हैं वरन विभाग के लिये भी चिंता का विषय बना हुआ है। ऐसे भुग्तभोगी कर्मियों का यह भी कहना है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन और जीरो टॉलरेंस के नाम पर यह अधिकारी धब्बा लगा रहा है जो आने वाले समय में काफी विस्फोटक रूप अख्तियार कर सकता है। अनेक कर्मी मंदिरों में जाकर पूजा अर्चना कर उक्त अधिकारी के रवैये को बदलने की ईश्वर से उन्हें सद्बुद्धि देने प्रार्थना कर रहे हैं।

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