संजय छाजेड़
गरबा की सुरम्य थाप और ऊर्जा से भरपूर माहौल के बीच ढोल बाजे गरबा प्रशिक्षण के दूसरे दिन प्रतिभागियों ने पीले रंग के ड्रेस कोड में एक अलग ही झलक प्रस्तुत की। रंग-रूप में एकरूपता ने न केवल आयोजन स्थल की शोभा बढ़ाई बल्कि अनुशासन और सामूहिकता की भावना को भी सजीव कर दिया।
शाम 6:30 से 8:30 बजे तक चल रहे इस पाँच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में दूसरे दिन प्रतिभागियों की संख्या में आशातीत वृद्धि देखने को मिली। कुल 145 प्रशिक्षणार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर माहौल को जोश से भर दिया।
इस अवसर पर नए स्टेप “ढाकला” को सीखने में प्रतिभागियों ने विशेष रुचि दिखाई। यह कदम ऊर्जा और उत्साह से ओतप्रोत है, जिसे सीखते हुए सभी की खुशी दोगुनी हो गई। ट्रेनर्स ने भी प्रतिभागियों के सीखने की गति और उनकी लयबद्धता की विशेष प्रशंसा की।
टीम के आयोजकों ने जानकारी दी कि 19 सितंबर का ड्रेस कोड नीला रंग निर्धारित है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की रंग-एकरूपता आयोजन की सुंदरता को और बढ़ाती है और सामूहिक अनुशासन का संदेश भी देती है।
वहीं, ढोल बाजे गरबा टीम अब आगामी 22 सितंबर से शुरू होने वाले ढोल बाजे गरबा नाइट्स की तैयारियों में जुट गई है। आयोजकों का मानना है कि नवरात्रि की नई-नई थीम और आकर्षक पुरस्कार आयोजन को अपार सफलता दिलाएँगे और इसे यादगार बना देंगे।

