शिक्षक स्वाभिमान दिवस पर प्रादेशिक सम्यक प्रबोधन सम्पन्न

धमतरिहा के गोठ
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संजय जैन

धमतरी।/भारतीय दलित साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़ राज्य इकाई और साप्ताहिक छत्तीसगढ़ साथी के संयुक्त तत्वज्ञान में 13 सितम्बर 2026 को शिक्षक स्वाभिमान दिवस पर आधारित प्रादेशिक सम्यक प्रबोधन, काव्य गोष्ठी एवं प्रतिभा सम्मान का गरिमामय आयोजन स्व.नत्थूजी जगताप शास.उ.मा.विद्यालय धमतरी के गैलरी सभा कक्ष में हुआ। इस कार्यक्रम को कौमी एकता और साम्प्रदायिक सद्भाव के प्रतीक, राष्ट्रपति पुरष्कृत आदर्श शिक्षक, मानस जिज्ञासू दाऊद खान गुरूजी के नाम विनम्र आदरांजली के साथ समर्पित किया गया। राष्ट्रपति व्दारा सम्मानित खैरागढ़ की आदर्श शिक्षिका श्रीमती निगार अंजुम खान के मुख्य आतिथ्य एवं अकादमी महासंरक्षक श्रीमती सुशीला देवी वाल्मीकि (धमतरी) की अध्यक्षता में , सुदरदास मानिकपुरी (वरिष्ठ समाज सेवी, भिलाई), राममिलने रावटे (सहा.वि.खंड.शिक्षा अधिकारी, दंतेवाड़ा), श्रीमती कुमारी कृष्णा मिरी (गीतकार व गायिका, भिलाई), भावसिंह डहरे (आदर्श शिक्षक व समाज विज्ञानी, कुरूद) व आकाश गिरी गोस्वामी (उत्कृष्ट शिक्षक व प्रसिद्ध रंगकर्मी, धमतरी) बतौर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।


    कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्रगान, तत्पश्चात दाऊद खान गुरूजी की तस्वीर में श्रद्धा सुमन अर्पित के साथ हुआ। भारतीय संविधान के उद्देशिका का सामूहिक वाचन किया गया। बिशाल सिंह ध्रुुवे (बालोद) ने काव्य पाठ , श्रीमती शांता सोनवानी (नेवई) ने गुरू वंदना गीत, श्रीमती कुमारी कृष्णा मिरी ने भीम वंदना गीत, श्रीमती चम्पादेवी मानिकपुरी (बलौदा बाजार) व सुश्री योगेश्वरी सेन (बिलासपुर) ने पंडवानी गायन, श्री रिजवान अली अंजुम (धमतरी) म्यूजिक ग्रुप ने संगीत बद्ध प्रोग्राम के अलावा राजेन्द्र कुमार मारकण्डे (पाटन), प्रो.के.मुरारी दास (गुरूर), हेमलाल चतुर्वेदी (रायपुर) ने शिक्षक स्वाभिमान और सामाजिक सरोकार के विविध आयाम पर व्याख्यान दिया। इस अवसर पर शिक्षा, कला, संस्कृति व समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाले 72 विशिष्ट जनों को राज्य स्तरीय अवार्ड-2026 सम्मान से अलंकृत किया गया। कार्यक्रम में पे्रम सायमन, सैय्यद जफर अली हाशमी, दीपमाला ध्रुव, संजीव कुमार बंजारे, बिरझू अग्रवानी, फलेन्द्र कश्यप, राजेन्द्र टंडन, श्रीमती कुमारी साहू,   पीलूराम निषाद, होरिलदास मानिकपुरी, श्रीमती विद्या बांधे, अहेद अली, विकास शांडिल्य, श्रीमती शाहीन खान, तीजेश सोरी, रोशन ध्रुव, मुकेश महिलांगे, प्रमोद कुमार ध्रुव,  सुरेश कुमार यादव, राजूलाल बघेल, अजय नामदेव, दुष्यंत कुमार, सोहन लाल साहू, वेद प्रकाश साहू, प्रेम नजीर, मदर लहरे, रूमलाल किरसान, सुनील बंजारे, रानी टंडन, मुकेश देवांगन आदि प्रबुद्ध जनों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।  सम्पूर्ण आयोजन के संयोजन-संचालन की कसावट ने भी नए उच्च मानक स्थापित किए। प्रो.जी.आर.बंजारे ‘‘ज्वाला’’ के अति प्रभावी, सधे हुए, कर्णप्रिय संचालन ने श्रोताओं को लगातार बांधे रखा।


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