विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए श्रीमती मोनिका ऋषभ देवांगन ने कहा कि ‘विकसित भारत 2047’ केवल एक लक्ष्य नहीं, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक, विशेषकर युवा पीढ़ी के संकल्प और सहभागिता से साकार होने वाला राष्ट्रीय स्वप्न है। आज के विद्यार्थी ही कल के भारत के नेतृत्वकर्ता होंगे। इसलिए उनमें शिक्षा के साथ संस्कार, कौशल, नवाचार, सेवा भावना और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल पुस्तकीय ज्ञान प्राप्त करने का स्थान नहीं, बल्कि बच्चों के भीतर छिपी प्रतिभा, रचनात्मकता, संवेदनशीलता और राष्ट्रभावना को पहचानने तथा उसे निखारने का सशक्त मंच है। ‘सेवा-चित्र’ जैसे आयोजन विद्यार्थियों को अपनी कल्पनाओं को अभिव्यक्त करने के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों और राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए कहा कि किसी चित्र में जल संरक्षण की चिंता दिखाई दी, किसी रंगोली में स्वच्छता का संदेश नजर आया, तो किसी भाषण में देश के प्रति प्रेम और जिम्मेदारी की भावना देखने को मिली। यह इस बात का प्रमाण है कि हमारे बच्चों के भीतर प्रतिभा और विचारों की कोई कमी नहीं है; आवश्यकता केवल उन्हें उचित अवसर, प्रोत्साहन और मंच प्रदान करने की है।
श्रीमती देवांगन ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज के छोटे-छोटे रचनात्मक प्रयास ही आने वाले समय में जिम्मेदार नागरिकों और सशक्त राष्ट्र की नींव तैयार करेंगे। जब शिक्षा के साथ सेवा का संस्कार, ज्ञान के साथ कौशल और प्रतिभा के साथ राष्ट्रभाव जुड़ता है, तब विद्यालय केवल विद्यार्थियों का निर्माण नहीं करता, बल्कि राष्ट्र के भविष्य का निर्माण करता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में स्वच्छता, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, डिजिटल सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और जनभागीदारी जैसे विषयों को व्यापक जनआंदोलन का स्वरूप मिला है। इन प्रयासों को स्थायी सफलता तभी मिलेगी, जब युवा पीढ़ी इन अभियानों को केवल कार्यक्रम के रूप में न देखकर अपने दैनिक जीवन का हिस्सा बनाए।‘सेवा-चित्र’ कार्यक्रम इसी दिशा में एक सार्थक पहल है, जो बच्चों की कल्पनाशीलता को सामाजिक सरोकारों से जोड़ते हुए उन्हें विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका समझने का अवसर प्रदान करता है। कार्यक्रम में पूर्व गंगरेल मंडल अध्यक्ष ऋषभ देवांगन, वरिष्ठ भाजपा नेत्री श्रीमती पद्मिनी साहू, शाला प्रबंधन समिति अध्यक्ष अमृत ध्रुव, शाला प्रबंधन समिति के पूर्व अध्यक्ष हेमंत साहू, शाला के प्राचार्य श्रीमती शोभा दुबे उपाध्यक्ष श्रीमती मनीषा ध्रुव, संतराम ध्रुव, वरिष्ठ भाजपा नेता रामकृष्ण मांडवी सहित उच्चतर माध्यमिक एवं प्राथमिक शाला के संस्था प्रभारीगण तथा शिक्षक-शिक्षिकाएँ उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में श्रीमती मोनिका ऋषभ देवांगन ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं आयोजन से जुड़े सभी सहयोगियों को इस सुंदर एवं सार्थक आयोजन के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा—“अपने सपनों को लक्ष्य बनाइए, अपनी प्रतिभा को अवसर दीजिए और अपनी क्षमता को राष्ट्र निर्माण में लगाइए। यही प्रयास ‘मेरे सपनों का भारत–विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में हमारी सबसे बड़ी भागीदारी होगी।”



