हाथों में मजबूत ग्रिप नहीं, हौसलों में कोई कमी नहीं—श्वेता ने चित्रकला में पाया तृतीय स्थान

धमतरिहा के गोठ
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संजय छाजेड़ 
 बसंत फाउंडेशन, कुरूद द्वारा मराठा मंगल भवन, धमतरी में आयोजित जिला स्तरीय चित्रकला प्रतियोगिता में सार्थक स्कूल की 65 प्रतिशत दिव्यांग विशेष बच्ची श्वेता मसीह ने अपनी अद्भुत कला प्रतिभा का परिचय देते हुए दिव्यांग श्रेणी में तृतीय स्थान प्राप्त किया।
श्वेता इंटेलेक्चुअल डिसेबिलिटी एवं सेरेब्रल पाल्सी के साथ जीवन की चुनौतियों का सामना कर रही हैं। हाथों में मजबूत ग्रिप न होने के बावजूद उन्होंने पूरे आत्मविश्वास, लगन और उत्साह के साथ ‘नशामुक्ति’ विषय पर एक सुंदर, प्रभावशाली एवं संदेशपूर्ण पेंटिंग बनाई। अपनी कल्पनाओं को रंगों के माध्यम से कागज पर उकेरते हुए श्वेता ने यह साबित किया कि परिस्थितियां प्रतिभा की राह में बाधा नहीं बन सकतीं। उनकी पेंटिंग में न केवल कलात्मक कौशल, बल्कि सामाजिक विषय के प्रति उनकी संवेदनशीलता और समझ भी स्पष्ट दिखाई दी।नगर पालिक निगम धमतरी के महापौर श्री रामू रोहरा ने श्वेता को प्रमाण पत्र, स्मृति चिन्ह एवं 1500 रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने श्वेता की कला प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि, इंटेलेक्चुअल डिसेबिलिटी एवं सेरेब्रल पाल्सी जैसी चुनौतियों के बावजूद जिस आत्मविश्वास और लगन से श्वेता ने अपनी प्रतिभा को चित्र के माध्यम से अभिव्यक्त किया है, वह अत्यंत प्रेरणादायक है।
बसंत फाउंडेशन के संस्थापक एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्यातिप्राप्त चित्रकार श्री बसंत साहू ने भी श्वेता की कलात्मक प्रतिभा और उसके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सच्ची प्रतिभा किसी भी शारीरिक चुनौती की मोहताज नहीं होती। श्वेता की पेंटिंग में उसकी संवेदनशीलता, सोच और कला के प्रति समर्पण स्पष्ट दिखाई देता है।
इस अवसर पर आमदी नगर पंचायत के पूर्व अध्यक्ष श्री मनोज साहू ने भी श्वेता की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उसे 500 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतिभाशाली बेटियों को प्रोत्साहन देना समाज की जिम्मेदारी है और श्वेता जैसे विशेष बच्चे अपनी उपलब्धियों से समाज को नई प्रेरणा देते हैं।
सम्मान और प्रोत्साहन से अभिभूत श्वेता ने अपनी सहज मुस्कान के साथ सभी का “थैंक्यू” कहकर आभार व्यक्त किया। उसकी मासूम खुशी और आत्मविश्वास का वह क्षण वहां उपस्थित सभी लोगों के लिए भावुक और प्रेरणादायक बन गया। श्वेता की यह उपलब्धि इस बात का सुंदर उदाहरण है कि प्रतिभा को अवसर और प्रोत्साहन मिले तो चुनौतियां भी सफलता की राह नहीं रोक सकतीं।इस अवसर पर श्वेता के माता-पिता श्रीमती सीमा मसीह एवं राजकुमार, सुलेखा जोशी ,राधिका जोशी,संध्या घोड़े, मिनेश कुमार अग्रवाल प्राचार्य, चन्द्र भूषण साहू, ज्योतिष कुमार साहू शिक्षक, व्यासनारायण निषाद पूर्व पार्षद सार्थक की अध्यक्ष डॉ. सरिता दोशी तथा प्रशिक्षक कौशल्या यादव उपस्थित रहीं और श्वेता का उत्साहवर्धन किया।

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