"बसंत साहू जी ईश्वर की अनुपम कृति और अनूठी चित्र कला प्रदर्शनी"

धमतरिहा के गोठ
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संजय छाजेड़ 
प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की संचालिका ब्रह्माकुमारी सरिता बहन जी ने श्री बसंत साहू जी का शाल श्रीफल और रक्षासूत्र बांध कर ईश्वरीय वरदानों से अभिनंदन करते हुए कहा कि 
  छत्रपति शिवाजी मराठा मंगल भवन धमतरी राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित देश के अनूठे चित्रकार दिव्यांग बसंत साहू जी के जीवंत रंगों में रंगा चित्र कला प्रदर्शनी से मराठा मंगल भवन दिव्यांगता पर भव्यता और दिव्यता की चमक से जगमगा रहा है। प्रदर्शनी में प्रदर्शित एक-एक चित्रकला बसंत भाई के जीवन दर्शन के को इंगित तो कर ही रहा है साथ ही साथ उनके श्रेष्ठ मनोभाव और प्रेरक संदेशों का सुंदर समायोजन भी दर्शनीय है।छत्तीसगढ़ महतारी के वे ऐसे लाडले सपूत हैं जिनके हाथों में रंग बिखरने की जादू है। ईश्वर ने चित्रकला जैसे खूबियों कोउनके व्यक्तित्व के साथ ऐसा जोड़ा है कि वे परस्पर पर्याय बन गए हैं।प्रदर्शनी में रखे प्रत्येक चित्र धर्म अध्यात्म मानवता और समाज सेवा तथा जीवन दर्शन के साथ साथ उनके जीवन के संघर्षों को बखूबी रंगों से उकेरा है। ब्रह्माकुमारी सरिता बहन जी ने उन्हें बुलंद हौसले के साथ भविष्य जीवन में आगे बढ़ने हेतु शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर उनके साथ में ब्रह्माकुमारी मधु बहन जी कामिनी कौशिक तथा ईश्वर भाई रहे।

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