जिला पंचायत सीईओ ने छात्राओं के साथ मध्यान भोजन कर भोजन की गुणवत्ता परखी

धमतरिहा के गोठ
0
संजय छाजेड़ 
   धमतरी, 15 जुलाई 2026/ धमतरी में नव पदस्थ मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत धमतरी श्री जयंत नाहटा( आई.ए.एस.) ने बीते मंगलवार को जनपद पंचायत नगरी अंतर्गत विभिन्न ग्रामों का व्यापक भ्रमण कर विकास कार्यों तथा केंद्र एवं राज्य शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण का उद्देश्य योजनाओं की प्रगति का आकलन करना, सेवा प्रदाय व्यवस्था की गुणवत्ता सुनिश्चित करना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन करना था। उन्होंने माध्यमिक शाला बोड़रा की छात्राओं के साथ मध्यान भोजन कर भोजन की गुणवत्ता परखी । 
  भ्रमण के दौरान श्री नाहटा ने ग्राम सियादेही स्थित लइका घर का निरीक्षण कर बच्चों के लिए उपलब्ध शैक्षणिक एवं पोषण संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। ग्राम पिपराहीभर्री के मॉडल आंगनबाड़ी केंद्र में उन्होंने बच्चों की उपस्थिति, पोषण आहार, स्वच्छता, खेल एवं शिक्षण गतिविधियों का अवलोकन करते हुए केंद्र को बच्चों के सर्वांगीण विकास का प्रभावी माध्यम बनाने पर जोर दिया।
  इसके पश्चात उन्होंने नगरी स्थित मॉडल लाइब्रेरी एवं को-वर्किंग स्पेस का निरीक्षण कर विद्यार्थियों एवं युवाओं को उपलब्ध कराई जा रही अध्ययन सुविधाओं, डिजिटल संसाधनों तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए विकसित वातावरण की जानकारी ली। उन्होंने इस प्रकार की सुविधाओं का अधिकाधिक उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
  श्री नाहटा ने शासकीय माध्यमिक विद्यालय बोड़रा, खल्लारी एवं मसानडबरा में जनमन मॉडल आवास तथा 37 आवासीय कॉलोनी का भी निरीक्षण किया। उन्होंने आवासीय परिसरों में मूलभूत सुविधाओं, स्वच्छता, रखरखाव तथा हितग्राहियों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं का जायजा लेते हुए आवश्यक सुधार के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
  ग्राम सांकरा में उन्होंने मॉडल लाइब्रेरी, समर्थ पोर्टल, पंचायत कार्यालय एवं मखाना उत्पादन केंद्र का अवलोकन किया। उन्होंने पंचायत स्तर पर अभिलेखों के सुव्यवस्थित संधारण, डिजिटल सेवाओं के प्रभावी संचालन, शासन की योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग तथा आजीविका संवर्धन गतिविधियों को और अधिक सशक्त बनाने पर बल दिया।
  मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक समयबद्ध एवं पारदर्शी ढंग से पहुंचे, यह सभी अधिकारियों और मैदानी अमले की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को योजनाओं के गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन, नियमित मॉनिटरिंग, जनसमस्याओं के त्वरित निराकरण तथा हितग्राही केंद्रित कार्यसंस्कृति अपनाने के निर्देश दिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों का लाभ प्रभावी रूप से आमजन तक पहुंच सके।

एक टिप्पणी भेजें

0टिप्पणियाँ

एक टिप्पणी भेजें (0)