शाश्वत उत्सर्ग यूथ थिएटर और रेडक्रॉस ने बाज़ी मारी

धमतरिहा के गोठ
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संजय छाजेड़ 
हिमाचल प्रदेश की शिमला में आल इंडिया आर्टिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष रोहिताश गौर भाभी घर पर हैं फेम,उपाध्यक्ष रेखा गौर के संयोजन में आयोजित 71वें अखिल भारतीय नाटक एवं नृत्य प्रतियोगिता में जिसमें देशभर के 29 नाटक एवं सैकड़ों नृत्य शामिल हुए। उक्त महोत्सव में शाश्वत उत्सर्ग यूथ थिएटर ग्रुप और रेडक्रास के धमतरी के कलाकारों और स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। डॉ चंद्रप्रकाश द्विवेदी द्वारा लिखित और आकाश गिरी गोस्वामी द्वारा निर्देशित औचित्य नाटक का मंचन किया गया। इस नाटक की कथानक ने शिमला के ऐतिहासिक थिएटर हॉल गेयटी में उपस्थित प्रबुद्ध दर्शकों, निर्णायकों और वरिष्ठ रंगकर्मियों को गहराई से प्रभावित किया।
यह कथा एक युवा रंगकर्मी की अंतःखोज को दर्शाती है, जो रंगमंच के माध्यम से देश की समृद्ध ज्ञान परंपरा, उपनिषदों, वेदों, गीता और महाभारत के शाश्वत गूढ़ प्रश्नों को आज की नई पीढ़ी तक पहुँचाना चाहता है। नाटक में वैचारिक संघर्ष, आपसी समझ और अंततः आत्मबोध की यात्रा को बेहद मार्मिक, कलात्मक और संवेदनशील ढंग से पिरोया गया, जिसने जजों का दिल जीत लिया। इसके अतिरिक्त, दल द्वारा सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा देते हुए संदेशप्रद नुक्कड़ नाटक 'अंगदान महादान' और नशे की विभीषिका पर प्रहार करता नाटक 'नशा नाश की जड़ है' का भी अनेक जगहो मे भव्य मंचन किया गया।इन प्रस्तुतियों ने सामाजिक संदेश देने के साथ ही स्थानीय समुदायों में जनचेतना जगाने का महत्वपूर्ण कार्य किया और दर्शकों से सकारात्मक प्रतिक्रियाएँ प्राप्त कीं।
 नाटक में शास्त्री जी की भूमिका में आकाशगिरी गोस्वामी, गांधारी व शास्त्री जी की पत्नी के रूप में वंदना गोस्वामी, विद्यार्थी व मैनेजर के रूप में दुष्यंत सिन्हा और नरेंद्र व कृष्ण के रूप में आशीष साहू ने अपने सजीव अभिनय से समां बांध दिया। वहीं हरीश सिन्हा ने रोमियो व अर्जुन, गामिनी ने जुलियट, सुरेश दास मानिकपुरी ने धृतराष्ट्र व योगी जी और मैकल साहू ने संजय व गाइड मे अपनी सशक्त अभिनय प्रतिभा की छटा बिखेरी।
नाटक के संगीत संयोजन ने प्रस्तुति में प्राण फूंकने का काम किया, जिसका जिम्मा आशीष साहू ने बखूबी संभाला। संगीत संचालन वैष्णवी साहू और प्रकाश संचालन मनीष कोटवानी द्वारा किया गया। मेकअप आकाश गिरी वंदना गिरी गोस्वामी ने किया, जबकि वेशभूषा की कमान वीरेंद्र कुंजाम ने संभाली। मंच सज्जा दिव्या साहू और दुष्यंत कुमार के संयुक्त प्रयासों से पूर्ण हुई। उक्त नाटक को कंसोलेशन अवॉर्ड प्राप्त हुआ । 

इस उपलब्धि पर शाश्वत उत्सर्ग थियेटर के समस्त कलाकार एवं रंगकर्मी कुमेश्वर कुमार ,पीबी पराड़कर, गोपाल शर्मा, दीपक लखोटिया, दीप शर्मा,मदनमोहन खंडेलवाल, डॉ सीएस चौबे, डॉश्रीदेवी चौबे , डुमन लाल ध्रुव, प्रभा श्रीवास्तव, डॉ सरिता दोशी, कामिनी कौशिक,डॉ प्रदीप साहू,डुमनलाल ध्रुव, मदन मोहन दास, उमेश सिंहवशिष्ठ,वीरेन्द्र साहू, रविकांत गजेंद्र, मदन सिन्हा , मनुराज पचौरी,दीपाली कलिहारी, शशि हैवार, खिलेंद्र साहू, गुलशन यादव, सुनील शाह, भूषण पटेल, ओमन लाल सिन्हा,हीरालाल साहू, गुलशन ध्रुव, ग्रेवेंद्र सिंह कामड़े, नटवर कन्नौजे, देव शंकर देव,लक्की रजक, वेद साहू, नवीन सोनी, लक्ष्मण साहू ,टिक्की निर्मलकर,,रेडक्राॅस प्रभारी डिप्टी कलेक्टर बी एक्का, सचिव डॉ. यू एल कौशिक, चेयरमेन प्राप्ति वाशानी, वॉयस चेयरमेन शिवा प्रधान, जिला रेडक्राॅस अधिकारी मनोज साहू, सहायक जिला रेडक्राॅस अधिकारी सत्यप्रकाश प्रधान, अवध राम साहू,जिला सदस्य हेमराज सोनी, गुरशरण साहू,डीएन साहू, साहू,डॉ गणेश प्रसाद, परमेश्वर साहू, खूबलाल साहू, खोमन लाल साहू,एल.के. साहू, मोहिनी साहू, रितु प्रधान प्रधान, गजानंद साहू, शेषनारायण गजेंद्र, सुरेश साहू,भूपेंद्र दास मानिकपुरी, रामकुमार विश्कर्मा , रामसिंह मांडवी, वेदप्रकाश सिन्हा जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ साहित्यकारों, रंगप्रेमियों, रेडक्रॉस टीम और प्रबुद्ध नागरिकों ने पूरी टीम को बधाई दी है।

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