संजय छाजेड़
रायपुर- शिक्षा के क्षेत्र में समावेशिता और नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करते हुए वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम छत्तीसगढ़ ने दृष्टिबाधित विद्यार्थियों तथा सामान्य बच्चों के लिए 10,000 ऑडियो बुक्स निर्माण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य की दिशा में टीम ने अब तक 9700 से अधिक ऑडियो बुक्स तैयार कर एक उल्लेखनीय कार्य किया है। यह प्रेरणादायक कार्य राष्ट्रपति पुरस्कृत शिक्षिका सुश्री के. शारदा जो कि स्वयं दिव्यांग है और कमर से नीचे तक 80 प्रतिशत दिव्यांग होने के बावजूद यह नेक कार्य उनके नेतृत्व में संपादित किया जा रहा है। उन्होंने स्वयं 1500 से अधिक आडियो बुक निर्माण किया तथा इस कार्य में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के 30 समर्पित शिक्षक-शिक्षिकाएँ शामिल हैं, जो अपने नियमित शैक्षणिक दायित्वों के साथ ही शाला समय के बाद विद्यार्थियों के लिए गुणवत्तापूर्ण ऑडियो सामग्री तैयार करने में निरंतर योगदान दे रहे हैं।
इन ऑडियो बुक्स के माध्यम से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों को पाठ्य सामग्री सहज रूप से उपलब्ध हो रही है, वहीं सामान्य बच्चे भी सुनकर सीखने की आधुनिक पद्धति का लाभ उठा रहे हैं। यह पहल शिक्षा को अधिक समावेशी, सुलभ और तकनीक-सम्मत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
विशेषज्ञों के अनुसार ऑडियो बुक्स न केवल विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को बढ़ाती हैं, बल्कि उन्हें कहीं भी और कभी भी अध्ययन करने की सुविधा भी प्रदान करती हैं। वर्ल्ड ऑडियो बुक टीम द्वारा किया जा रहा यह प्रयास राष्ट्रीय शिक्षा नीति के उद्देश्यों को भी साकार करने में सहायक सिद्ध हो रहा है।
सुश्री के. शारदा ने बताया कि टीम का उद्देश्य प्रत्येक विद्यार्थी तक गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सामग्री पहुँचाना है, ताकि किसी भी बच्चे की शिक्षा उसकी शारीरिक या अन्य सीमाओं के कारण बाधित न हो। उन्होंने बताया कि टीम शीघ्र ही 10,000 ऑडियो बुक्स के लक्ष्य को पूर्ण कर लेगी। वर्ल्ड आडियो बुक चैनल में 2100 से अधिक सब्कार्ईबर, 107 से अधिक प्लेलिस्ट तथा 700000 से अधिक व्यूज देखे जा सकते हैं।
