तपती दोपहर में राहत — गन्ने का रस पिलाया, चिड़ियों के लिए सकोरे बांटे

धमतरिहा के गोठ
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संजय छाजेड़ 
भीषण गर्मी के बीच रत्नाबांधा रोड पर भारतीय जैन संघटना के अंतर्गत आयोजित एक उल्लेखनीय सेवा पहल में राहगीरों को शीतल गन्ने का रस पिलाया गया तथा पक्षियों के लिए सकोरे (जल पात्र) वितरित किए गए। कई घंटों तक चली इस सेवा में पैदल चलने वाले, साइकिल सवार, दोपहिया एवं चारपहिया वाहन चालक सभी ने रुककर राहत का अनुभव किया।
इस दौरान लगभग 550 राहगीरों को गन्ने का रस पिलाया गया तथा 300 सकोरे वितरित किए गए। गन्ने का रस श्रीमती सरला पारख के सौजन्य से तथा सकोरे श्रीमती राजकुमारी पारख के सौजन्य से उपलब्ध कराए गए। राहगीरों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि तपती धूप में ठंडा गन्ने का रस उन्हें तुरंत ताजगी और ऊर्जा प्रदान कर गया। वहीं सकोरा वितरण को लोगों ने पर्यावरण एवं जीव-जंतुओं के प्रति जिम्मेदारी का प्रेरणादायक संदेश बताया।
कार्यक्रम की एक विशेष बात बच्चों की सक्रिय सहभागिता रही। बड़ी संख्या में शामिल बच्चों ने प्रतिदिन चिड़ियों के लिए पानी रखने का संकल्प लिया। पालकों ने भी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे प्रयासों से बच्चों में बचपन से ही जीव-जंतुओं के प्रति दया, संवेदना और जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।
इस सेवा कार्य में भारतीय जैन संघटना की संरक्षक श्रीमती सरला पारख, उपाध्यक्ष श्रीमती सुषमा चोपड़ा, कोषाध्यक्ष श्रीमती शिमला पारख, श्रीमती राजकुमारी पारख, श्रीमती गौरी लोढा, श्रीमती शशि गोलछा, श्रीमती अंजू लोढा, श्रीमती मंजू लुंकड़, श्रीमती संगीता गोलछा, श्रीमती अंजू गोलछा एवं डॉ. सरिता दोशी ने सक्रिय सहभागिता निभाते हुए अपनी सेवाएं प्रदान कीं।

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