धमतरी में नवकार मंत्र का हुआ जाप

धमतरिहा के गोठ
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 संजय छाजेड़ 

धमतरी। विश्व नवकार मंत्र दिवस के अवसर पर आज  विश्व में एक साथ नवकार मंत्र का जाप किया गया। लगभग सुबह 8:10 बजे से 9:36 बजे तक विश्वभर में जैन धर्मावलंबियों ने इस महामंत्र का स्मरण कर विश्व शांति, मानव कल्याण और आत्मिक उन्नति की कामना की। इसी क्रम में धमतरी शहर के सिहावा चौक स्थित जैन स्थानक भवन में भी श्रद्धा और भक्ति के साथ भव्य आयोजन संपन्न हुआ।

इस आयोजन में जैन समाज के महिला, पुरुष, युवा और बच्चों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। सभी ने एक साथ एक स्वर में नवकार मंत्र का जाप किया, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और सकारात्मकता से भर गया। कार्यक्रम स्थल पर अनुशासन, शांति और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला।

समाज के वरिष्ठजनों व पदाधिकारियों ने इस अवसर पर कहा कि नवकार मंत्र जैन धर्म का मूल और सर्वश्रेष्ठ मंत्र है, जो किसी विशेष व्यक्ति या देवता का नहीं बल्कि पंच परमेष्ठी — अरिहंत, सिद्ध, आचार्य, उपाध्याय और साधु — की वंदना का प्रतीक है। इस मंत्र के जाप से व्यक्ति के मन, वचन और कर्म की शुद्धि होती है तथा जीवन में सुख-शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।

उन्होंने आगे कहा कि नवकार मंत्र केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि यह समता, अहिंसा, विनम्रता और विश्व बंधुत्व का संदेश देने वाला सार्वभौमिक मंत्र है। आज के दौर में, जब समाज में तनाव और अशांति बढ़ रही है, ऐसे में इस प्रकार के सामूहिक जाप से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और लोगों को मानसिक शांति प्राप्त होती है।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों और युवाओं में भी खास उत्साह देखने को मिला, जो जैन संस्कृति और परंपरा के प्रति उनकी गहरी आस्था को दर्शाता है। महिलाओं की भी बड़ी भागीदारी रही, जिन्होंने पूरे आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

अंत में सभी श्रद्धालुओं ने विश्व में शांति, सद्भावना और समृद्धि की कामना करते हुए नवकार मंत्र के महत्व को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। इस आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूती दी, बल्कि समाज में एकता और सद्भाव का संदेश भी प्रसारित किया।

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