संजय छाजेड़
भखारा क्षेत्र के ग्राम सिहाद निवासी एक जरूरतमंद परिवार की बेटी चुनेश्वरी का रिश्ता बालोद जिले के ग्राम पटेली में तय हुआ है। चुनेश्वरी की माँ सविता बाई एवं मौसी भूमिका ने “बेटी को उपहार ग्रुप” धमतरी की सदस्यों से सहयोग का निवेदन किया। पिता के न होने से उत्पन्न पारिवारिक परिस्थितियों को देखते हुए ग्रुप की सदस्यों ने इस दायित्व को अपनी सामूहिक जिम्मेदारी मानते हुए एक संक्षिप्त एवं गरिमामयी कार्यक्रम में बेटी की पारंपरिक रस्में विधिवत निभाईं।
कार्यक्रम का शुभारंभ सर्वप्रथम तिलक के साथ किया गया। इस अवसर पर श्रीमती रूपांशी गोयल द्वारा बेटी की घरवा रस्म संपन्न की गई। उन्होंने चुनेश्वरी को बिछिया, पायल, ईयरिंग्स, नाक की लौंग, विवाह की साड़ियाँ, श्रृंगार सामग्री एवं शगुन की राशि भेंट की तथा बेटी के चरण स्पर्श कर उसे अखंड सौभाग्यवती होने का आशीर्वाद प्रदान किया। यह संकल्पित घरवा रस्म उनकी सास श्रीमती ममता गोयल एवं जेठानी श्रीमती नेहा गोयल के सहयोग से संपन्न हुई। उल्लेखनीय है कि श्रीमती नेहा गोयल अब तक सात बेटियों की घरवा रस्म निभा चुकी हैं।
इसके पश्चात खोल भरने की रस्म संपन्न हुई। इस अवसर पर श्रीमती माया खंडेलवाल, श्रीमती अनु नंदा, श्रीमती प्रिया पंजवानी, श्रीमती सरिता अग्रवाल, श्रीमती सुलेखा जोशी, श्रीमती वर्षा खंडेलवाल एवं श्रीमती पायल खंडेलवाल ने एक-एक कर चुनेश्वरी को तिलक लगाकर चुनरी ओढ़ाकर,शादी की पोशाकें, आभूषण, पर्स, बैग, बर्तन, क्रॉकरी, बेडशीट, ब्लैंकेट, मिठाई एवं शगुन की राशि भेंट की।
ग्रुप की संयोजिका डॉ. सरिता दोशी ने बताया कि वर्ष 2016 से “बेटी को उपहार ग्रुप” एकल अथवा जरूरतमंद माता-पिता की बेटियों को विवाह से पूर्व उपयोगी उपहार प्रदान कर रहा है। 42 महिलाओं के इस ग्रुप की सभी सदस्य बेटियों के विवाह में सहृदयता पूर्वक सहयोग कर रही हैं।
डॉ. दोशी ने जानकारी दी कि, ग्रुप के माध्यम से अब तक धमतरी एवं धमतरी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों की 19 बेटियों को विवाह से पूर्व आवश्यक उपहारों के साथ-साथ परिवार को विवाह हेतु राशन एवं अन्य सामग्री भी प्रदान की जा चुकी है। चुनेश्वरी के लिए ग्रुप की श्रीमती ऋतु शर्मा, श्रीमती धनवती धनंजय किरी, श्रीमती प्रभा रावत, श्रीमती रेणु भूतड़ा, श्रीमती प्राची माहेश्वरी, श्रीमती वंदना शर्मा, श्रीमती नीलू गुप्ता, श्रीमती ज्योति लूनिया एवं श्रीमती वंदना मिराणी, श्रीमती सोनिया दत्ता मलिक ने किसी कारणवश कार्यक्रम में अनुपस्थित रहते हुए भी उपहार भेजकर अपना सहयोग प्रदान किया।
