धर्म के मार्ग में छोटा कार्य भी कार्य की सफलता में सहायक होती है

धमतरिहा के गोठ
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 संजय छाजेड़ 

धमतरी/। रुद्री रोड हनुमान मंदिर में चल रही हनुमान कथा में परम पूज्य गुरुदेव श्री संकर्षण शरण जी (गुरुजी) ने हनुमान जी की महिमा का वर्णन करते हुए आज सुंदरकांड की कथा बताएं,सेतु निर्माण की कथा में यह बताएं कि हम सबको सभी को साथ लेकर चलना चाहिए जैसे भगवान शिव का परिवार है वहां पर चूहा, शेर, मोर सब एक दूसरे के विरोधी होते हुए भी साथ में रहते हैं और आनंद में रहते हैं तभी एक पूल का निर्माण हो पता है और यह प्रत्येक परिवार समाज में अपने अंदर होना चाहिए। पूल भावनाओं से बनता है भगवान राम भावना है धर्म के मार्ग में छोटा कार्य भी कार्य की सफलता में सहायक है गिलहरी भी सेतु निर्माण में सहायता करती है।धर्म के मार्ग में छोटा कार्य भी कार्य की सफलता में सहायक होती है । जब वह पुल निर्माण हो रहा था तो गिलहरी अपनी शक्ति के अनुसार छोटा-छोटा कंकर उठाकर पूल में डालते जा रही थी और धर्म के कार्य में सहायता की। भगवान के कार्य में सहायता की जब हम छोटे बड़े सबको साथ लेकर चलते हैं तो बड़ा से बड़ा कार्य में सफलता प्राप्त कर पाते हैं ।आगे रामेश्वर की महिमा बताएं, भगवान में गंगाजल चढ़ाना अर्थात अपनी भक्ति को भगवान को अर्पण करना। मां गंगा भक्ति स्वरूप है भक्ति का प्रतीक है, रामेश्वर में भक्ति अर्पण करने की बात कहा गया। जो भक्त अपनी भक्ति अर्पण करेगा उसका सायुज्य मुक्ति मिलेगी जीवन के समस्त गांठ , बाधा ,भौतिक ताप, संताप, बुरारियों से मुक्त हो जाएगा।काफी संख्या में लोगों की भीड़ रहे कल कथा का अंतिम दिन है कथा 1:00 बजे से प्रारंभ हो जाएगी उसके बाद शुक्रवार 23 तारीख को दिव्य और अलौकिक जड़ी बूटियां से प्रातः 7:00 बजे से हवन किया जाएगा।

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