मक्का शेलर यंत्र का सफल प्रदर्शन

धमतरिहा के गोठ
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संजय छाजेड़ 
कृषि विज्ञान केंद्र, धमतरी द्वारा वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. ईश्वर सिंह के मार्गदर्शन में विकासखण्ड नगरी में किसानों के लिए हस्तचलित एवं इलेक्ट्रॉनिक मक्का शेलर मशीनों का सफल प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में आसपास के ग्रामों की महिला किसानों की सक्रिय भागीदारी रही।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि मशीनीकरण से जोड़ना तथा मक्का शेलर मशीनों की कार्यप्रणाली, उपयोगिता एवं लाभ के प्रति जागरूक करना था। प्रदर्शन के दौरान किसानों को मशीनों का प्रत्यक्ष एवं व्यावहारिक अनुभव कराया गया, जिसमें उन्होंने भुट्टों से मक्का के दानों को तेज़, सुरक्षित एवं कुशलता से अलग करने की प्रक्रिया को समझा।
कार्यक्रम की शुरुआत कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक डॉ. अमित कुमार सिन्हा द्वारा की गई। उन्होंने दोनों प्रकार की मशीनों की तकनीकी विशेषताओं एवं उपयोग विधि की विस्तार से जानकारी दी।
हस्तचलित मक्का शेलर के संबंध में उन्होंने बताया कि यह मशीन छोटे एवं सीमांत किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी है, क्योंकि इसे चलाने के लिए बिजली या ईंधन की आवश्यकता नहीं होती। यह मशीन प्रति घंटे 50 से 80 किलोग्राम मक्का का प्रसंस्करण कर सकती है। हल्की एवं पोर्टेबल होने के कारण इसे कहीं भी ले जाया जा सकता है तथा महिला किसान भी इसे आसानी से उपयोग कर सकती हैं।

इलेक्ट्रॉनिक मक्का शेलर मशीन की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि यह मशीन बड़े पैमाने पर मक्का उत्पादन के लिए उपयुक्त है। यह प्रति घंटे 200 से 400 किलोग्राम तक मक्का का प्रसंस्करण करने में सक्षम है तथा बिजली से संचालित होती है। यह मशीन मक्का के दानों को बिना क्षति पहुँचाए अलग करती है, जिससे उत्पाद की गुणवत्ता बनी रहती है।

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने मशीनों की कार्यक्षमता को देखकर गहरी रुचि दिखाई और इसे पारंपरिक विधियों की तुलना में अधिक लाभकारी बताया। किसानों ने इन आधुनिक तकनीकों को अपनाने के प्रति उत्साह व्यक्त किया।

इस अवसर पर मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत नगरी, श्री रोहित कुमार बोरझा ने कहा कि “हस्तचलित एवं इलेक्ट्रॉनिक मक्का शेलर मशीनें किसानों के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। इन्हें चलाना आसान है, लागत किफायती है तथा इससे श्रम और समय दोनों की बचत होती है।”

कार्यक्रम के अंत में कृषि विज्ञान केंद्र, धमतरी के वैज्ञानिक श्री प्रेम लाल साहू ने किसानों को कस्टम हायरिंग सेंटर के माध्यम से कृषि मशीनीकरण अपनाने की सलाह दी।

इस कार्यक्रम में जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र से डीआरपी डॉ. संदीप मेश्राम भी उपस्थित रहे। उन्होंने किसानों को प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के अंतर्गत उपलब्ध 35 प्रतिशत तक की सब्सिडी की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने बैंक ऋण प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों तथा विभाग द्वारा प्रदान की जाने वाली तकनीकी एवं वित्तीय सहायता के बारे में बताया और किसानों को आधुनिक तकनीकी नवाचार अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया।

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