वसूलीबाज ठेकेदार को आखिर किसका संरक्षण?

धमतरिहा के गोठ
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 संजय छाजेड़ 

खबर जरा हट के

धमतरी। प्रदेश में मंत्रियों के साथ फोटो वायरल करना, अधिकारियों से काम मांगना, वीवीआईपी के स्वागत सत्कार में खर्च बताकर फर्जी बिलों का भुगतान लेना, यहां तक कि मंत्रियों के आगमन को लेकर भी कतिपय अधिकारियों से राशि की वसूली की जा रही हेै। इन्हीं सब चर्चाओं के बीच एक सनसनीखेज खबर भी सामने आई है। जानकारी के अनुसार रायपुर निवासी एक ठेकेदार जो अपने आप को मंत्री एवं जल संसाधन विभाग के बड़े अधिकारी का खासमखास बताकर मंत्री एवं अधिकारी बंगले के रखरखाव एवं अन्य खर्चों के नाम पर प्रदेश के जल संसाधन विभाग के बड़े अधिकारियों से प्रत्येक माह 15 हजार रूपये की वसूली कर रहा है जबकि मंत्री एवं अधिकारी के बंगले के रखरखाव के लिये शासन के समक्ष प्रस्तुत बिलों का भुगतान किया जाता रहा है। लेकिन ऐसे में रायपुर में बैठे एक ठेकेदार द्वारा यह कार्य पिछले लंबे समय से किया जा रहा है, जो कि अधिकारियों के लिये सिरदर्द बन चुका हेै। चर्चा तो इस बात को लेकर भी है कि उक्त ठेकेदार के द्वारा की जा रही वसूली की जानकारी जल संसाधन विभाग के बड़े अधिकारी को भी है, बावजूद ऐसे व्यक्ति पर उनके द्वारा संज्ञान नहीं लिया जाना अनेक संदेहों को जन्म दे रहा है। कुृछ लोगों का यह भी दावा है कि उक्त अधिकारी के संरक्षण से ही संबंधित व्यक्ति द्वारा यह कार्य किया जा रहा है जिसके चलते मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के सुशासन पर भी ग्रहण लगने जैसा प्रतीत हो रहा है। वसूलीबाज ठेकेदार का नाम ए.सी.बताया जा रहा है।

 विश्वसनीय सूत्रानुसार पता चला है कि रायपुर के एक ठेकेदार द्वारा जल संसाधन विभाग के डिविजन में पदस्थ अधिकारियों के समक्ष जाकर प्रति माह मंत्री एवं प्रमुख अधिकारी के बंगले के रखरखाव एवं अन्य खर्चों के नाम पर धड़ल्ले से प्रति डिविजन अधिकारी से 15 हजार रूपये की वसूली की जा रही है जबकि प्रदेश में सिंचाई विभाग के अनेक ऐसे डिविजन कार्यरत हैं, जो उक्त ठेकेदार के दबाव में आकर यह भुगतान करने मजबूर हैं। कुछ लोगों ने नाम नहीं छापने की शर्त पर यह भी बताया कि उक्त ठेकेदार इस तरह की वसूली कर लखपति बन चुका है। जो अधिकारी उसे यह सहयोग नहीं देते, उन्हें उनके स्थानांतरण, विभागीय जांच की धमकी देकर यह राशि वसूली करता आ रहा है। प्रदेश में जितने भी शासकीय अधिकारी पदस्थ हैं, उनके निवास स्थान में सुधार कार्य एवं अन्य खर्चों के नाम पर जो खर्च आता है, उसका बिल प्रस्तुत करने पर संबंधित विभाग के अधिकारी उसका भुगतान नियमानुसार करते आ रहे हैं। यही प्रक्रिया मंत्री के बंगले के लिये निरंतर जारी है। लेकिन ऐसे में यह खबर कि एक ठेकेदार द्वारा मंत्री एवं अधिकारी के बंगले के रखरखाव के नाम पर राशि वसूली किया जाना चर्चा का विषय बना हुआ है। उक्त ठेकेदार, ठेकेदारी न कर मासिक वसूली से ही अपना कार्य किया जा रहा है जिसे अब ठेकेदारी करने की जरूरत भी नहीं है। अब उक्त व्यक्ति की पहचान ठेकेदार बनाम वसूलीबाज व्यक्ति के रूप में हो गई है। आलम यह है कि उक्त व्यक्ति को देखते ही नाक मुंह सिकोडऩे लगते हैं।

 बताया जाता है कि रायपुर में रहने वाले उक्त ठेकेदार बनाम वसूलीबाज व्यक्ति के द्वारा सीधे सीधे अधिकारियों के समक्ष जाकर मंत्री एवं अधिकारियों के वरिष्ठ अधिकारी के नाम पर यह वसूली अभियान जारी रखा गया है। बकायदा यह ठेकेदार कार में बैठकर समूचे प्रदेश के डिविजनों में जाकर उनके अधिकारियों से यह वसूली कर रहा है। एक अधिकारी को यह कहकर कि प्रदेश के दिग्गज मंत्री के बंगले का रखरखाव, सुधार कार्य करना है, ऐसी मिथ्या बातें कहकर भी इसके द्वारा वसूली की गई है जिससे प्रदेश के मैदानी अमले में कार्य करने वाले विभाग के अधिकारी बेहद त्रस्त हैं और वे प्रतिमाह उक्त ठेकेदार को राशि देने के मूड में नहीं देखे जा रहे हैं। खबर तो यह भी है कि अब ऐसे अधिकारी आपस में सामंजस्य स्थापित कर उक्त ठेकेदार बनाम वसूलीबाज से छुटकारा पाने प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से भी मिलकर पूर्व में ठेकेदारी कर रहे उक्त वसूलीबाज व्यक्ति की शिकायत करने की तैयारी कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक यह वसूलीबाज व्यक्ति अब तक प्रदेश के सभी जल संसाधन विभाग के अधिकारियों से लाखों रूपये की वसूली कर चुका है और ऐश भरी जिंदगी जी रहा है जिसे लेकर अधिकारियों में भारी आक्रोश भी व्याप्त है।

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