18 करोड़ का हाईटेक बस स्टेंड निर्माण, निविदा खुली

धमतरिहा के गोठ
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 संजय छाजेड़

धमतरी 6 नवंबर। 18 करोड़ की लागत से बनने वाले शहरवासियों की बहु प्रतीक्षित मांग हाईटेक बस स्टैंड का सपना अब बहुत जल्द साकार होने जा रहा है। इसके लिये महापौर रामू रोहरा पिछले कई महीने से लगे हुए थे। अब उनका यह प्रयास सफल हो रहा है और इस हेतु पिछले माह हाईटेक बस स्टेंड के लिये निविदा भी खोली जा चुकी है जिसमें चार ठेकेदारों ने निविदा भरी थी और सबसे कम दर ओम एसोसियेट रायपुर का रहा। उम्मीद की जा रही है कि निविदा खुलने के बाद बहुत जल्द हाईटेक बस स्टेंड का निर्माण प्रारंभ हो जायेगा। हाईटेक बस स्टेंड की निविदा खुलने की खबर जैसे ही शहरवासियों को पता लगी, लोगों के खुशी का ठिकाना नहीं रहा और शहर के कुछ लोगों ने इस पर कहा कि महापौर ने जो घोषणाएं की हैं, सीढ़ी दर सीढ़ी वह घोषणाएं भी अतिशीघ्र पूरी होगी जिससे शहर का एक नया स्वरूप शहरवासियों को देखने मिलेगा। किंतु इसमें भी ग्रहण लगाने के फिराक में तथाकथित लोग षडय़ंत्र कर रहे हेैं ताकि यह टेंडर एक बार फिर रद्द हो जाये और शहर विकास के लिये बाधक बनने वाले लोगों का हथकंडा सफल हो पाये। अब देखना है कि सबसे सफल निविदाकार को कब तक कार्यादेश जारी किया जाता है?

 महापौर श्री रोहरा द्वारा शहरवासियों और शहर विकास के साथ साथ नागरिकों की मूलभूत सुविधाओं का लाभ दिलाने समस्याओं को दूर करने प्रयास लगातार जारी हेै। जिनके द्वारा बायपास रोड, बॉक्स क्रिकेट ग्राउंड जैसे अनेक महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई है। उसमें एक हाईटेक बस स्टेंड प्रमुख रहा है जिसकी निविदा निगम द्वारा बुलाई गई थी जिसमें चार ठेकेदारों ने फार्म लेकर निविदाएं डाली थी जिनमें से ओम एसोसियेट रायपुर का सबसे कम 0.123 बिलोव परसेंट दर पाया गया। हालांकि निगम के जिम्मेदार अधिकारी करोड़ों की लागत से बनने वाले हाईटेक बस स्टेंड की निविदा के बारे में खुलकर बात करने को तैयार नहीं हैं। इसकी जानकारी जैसे ही शहरवासियों को हुई तो उन्होंने महापौर के कार्यों की प्रशंसा करते हुए इसे शहर के लिये एक उपलब्धि निरूपित किया है। निगम में जबसे महापौर पद पर श्री रोहरा ने पदभार ग्रहण किया है तबसे उन्होंने योजनाबद्ध ढंग से शहर विकास को लेकर लगातार जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे हैं। चाहे वह सडक़, पानी, बिजली, के साथ साथ सालों से पूरा होने की बाट जोह रहे ऑडिटोरियम समेत रत्नाबांधा से मुजगहन, सिहावा चौक से दानीटोला, अंबेडकर चौक से रूद्री रोड चौड़ीकरण, नालंदा परिसर, की स्वीकृति के अलावा जिले में विकास के नये आयाम स्थापित करने के लिये मेडिकल कॉलेज को लेकर संबंधितों से पत्राचार के अलावा व्यक्तिगत रूप से इनके प्रयास निरंतर जारी है।

 निगम क्षेत्र को छोडकऱ यह हाईटेक बस स्टेंड शहर के बाहरी भाग में बनाये जाने का निर्णय लिया गया है। लेकिन जिस स्थल पर नया बस स्टेंड का बनना तय किया गया है, वहां की जमीन ग्राम पंचायत के अधीन है जिन्होंने पिछले दिनों यह बात को सार्वजनिक किया था और यह खबर मीडिया की सुर्खियों में भी आया था। चूंकि अब टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। निगम में 18 करोड़ की लागत से बनने वाले हाईटेक बस स्टेंड का कार्य बहुत जल्द प्रारंभ होने की संभावना है। इस बस स्टेंड के बन जाने से नागरिकों को एक सर्वसुविधायुक्त बस स्टेंड प्राप्त होगा। संभावना जताई जा रही है कि निगम में चोर को बोले चोरी कर, साव को बोले जागते रहो की तर्ज पर निगम में एक अधिकारी की शकुनि चाल के आगे एक बार फिर हाईटेक बस स्टेंड का ठेका निरस्त किये जाने का प्रयास दु्रतगति से जारी है। ऐसा करने के पीछे मात्र किसी अन्य व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से ही यह कृत्य आने वाले दिनों में शहर की जनता के बीच आयेगा। यहां पदस्थ एक अधिकारी पिछले कई महीनों से बाहरी ठेकेदार को बुलाकर कार्य आबंटित कर रहे हैं जिसे लेकर तरह तरह के सवाल पार्षदों के द्वारा भी उठाये जा रहे हैं किंतु उक्त अधिकारी की दोहरी नीति के चलते कई महत्वपूर्ण कार्यों को या तो जान बूझकर रोकने का असफल प्रयास किया जा रहा है वहीं अपने चहेतों से लाखों के गुणवत्ताहीन सामान सप्लाई के आरोप लगातार लग रहे हैं। निगम में चल रहे अधिकारीराज के चलते शहरी सत्ता में काबिज भाजपा समर्थित पार्षदों की पीड़ा भी चौक चौराहों पर इन दिनों काफी चर्चा में है। पार्षदों की पीड़ा यह है कि जिस भरोसा और उम्मीद के साथ चुनाव में जीत दिलाकर निगम में जनता ने भेजा था। अधिकारीराज के चलते छोटे काम भी ये लोग नहीं करवा पा रहे हैं जिससे जनता के बीच जाने में डर लगने लगा है। इन्हीं कारणों की वजह से पूर्ववर्ती कांग्रेसी शहरी सरकार को निगम से उखाड़ फेंंका था जिसका मुख्य कारण टेंडरों में रिंग बनाकर कम दर पर 35 निर्माण कार्यों को आबंटित कर लिया गया था। लेकिन जब यह मामला तूल पकड़ा तो उक्त टैंडर मामला मेयर इन काउंसिल के समक्ष पहुंचा था।

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