शासकीय विभाग के एक अधिकारी का रिश्वत लेते वीडियो वायरल

धमतरिहा के गोठ
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संजय छाजेड़ 

धमतरी । जिले में पदस्थ कुछ अधिकारियों की रिश्वतखोरी को लेकर आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा द्वारा आबकारी अधिकारी, पटवारी, पुलिस, कोषालय जैसे महकमे के लोगों पर कार्यवाही की गई थी जिसका समाचार भी सुर्खियों में रहा। इस कार्यवाही के बाद भी शासकीय विभागों में निर्माण कार्य अथवा कार्य कराये जाने को लेकर रिश्वत की परंपरा खत्म नहीं हुई है। पिछले दिनों एक निर्माण एजेंसी के अधिकारी के द्वारा निर्माण कार्य के संबंध में रिश्वत लिये जाने का वीडियो तेजी से वायरल हुआ है जिसमें संबंधित व्यक्ति के काम को निपटाये जाने हेतु यह रिश्वत ली गई है।

अति विश्वसनीय सूत्रानुसार ज्ञात हुआ है कि कलेक्टोरेट भवन के पास स्थित एक निर्माण एजेंसी के अधिकारी द्वारा ठेकेदार से रिश्वत लेने का वीडियो तेजी से शहर में वायरल हुआ है। इस वीडियो के जरिये यह स्पष्ट है कि शासकीय विभागों में पदस्थ कुछ अधिकारियों द्वारा आज भी बिना रिश्वत के कोई कार्य नहीं किया जा रहा है। पूर्व में आर्थिक अपराध अनुसंधान शाखा रायपुर द्वारा समय समय पर ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के दफ्तर में अचानक दबिश देकर रिश्वतखोरी करने वाले ऐसे अधिकारी पर कार्यवाही की गई है। आबकारी अधिकारी को कलेक्टोरेट से पकड़ कर एसीबी के अधिकारियों ने अपने साथ हिरासत में लेकर उन्हें रायपुर ले गये थे। इस अधिकारी पर आरोप था कि इनके द्वारा शासकीय शराब दुकान की स्थापना के समय निजी भवन को किराये में लेने के नाम पर मकान मालिकों से भारी रिश्वत वसूली की गई थी जिस पर एसीबी की टीम ने कार्यवाही की थी। इसके अतिरिक्त पटवारी, कोषालय अधिकारी, पुलिस विभाग के कुछ कर्मियों द्वारा रिश्वत लिये जाने की जानकारी मिली थी। 

बताया जाता है कि पिछले दिनों कलेक्टोरेट स्थित एक शासकीय कार्यालय में पदस्थ अधिकारी द्वारा काम निपटाने के एवज में ठेकेदार से रिश्वत ली जा रही है जिसका वहां उपस्थित एक व्यक्ति ने वीडियो बनाया और उस वीडियो को वायरल कर दिया जिससे यह जानकारी धमतरिहा के गोठ के प्रतिनिधि के पास पहुंची है। उक्त कार्यालय के अधिकारी आकंठ तक भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं। इस विभाग में यदि उच्चाधिकारियों द्वारा यहां के अभिलेखों का अवलोकन किया जाये तो यहां हुए भ्रष्टाचार की संपूर्ण परत खुल सकती है। खबर तो यह भी है कि इस अधिकारी के उच्च कार्यालय में भी पिछले दिनों टेंडर के नियम शर्तों को अपने अधिकार से बाहर जाकर फेरबदल कर ठेकेदार को लाभ पहुंचाया है। इनके संबंध में यह भी बताया गया है कि ये अधिकारी सन्निकट सेवानिवृत्त होने वाले हैं इसीलिये इस विभाग में भ्रष्टाचार का बोलबाला है। इस तरह इस विभाग के विरूद्ध संपूर्ण जांच किये जाने की मांग जागरूक नागरिकों ने की है। सूत्रों का तो यह भी दावा है कि करोड़ों के भ्रष्टाचार की जानकारी राजधानी रायपुर तक पहुंच चुकी है। लेकिन अब तक उच्चाधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्यवाही नहीं होने के कारण जिले में पदस्थ अधिकारियों का पौ-बारह है। इनका कहना है कि हमने राजधानी में बैठे अधिकारियों को सेट कर लिया है, इसलिये हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। अब देखना यह है कि वीडियो वायरल होने के बाद संबंधित अधिकारी पर क्या कार्यवाही होती है।

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