संजय जैन
धमतरी l छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना और आदिवासी समाज व्दारा आयोजित बुढ़ादेव यात्रा के दूसरे चरण के तहत अब जिला स्तरीय रथ विभिन्न गांवो का भ्रमण कर रही है जहां सभी छत्तीसगढ़िया समाज को कांसादान के लिए प्रेरित किया जा रहा है। 1 अप्रैल से यह रथ छाती से होते हुए कुरूद क्षेत्र में भ्रमण किया। वही दूसरे दिन बरारी से प्रांरभ होकर पाहंदा पहुंची। सोमवार को यह रथ मगरलोड क्षेत्र का भ्रमण किया। जहां लोगों ने आतिशबाजी के साथ गर्मजोशी से रथ का स्वागत किया। कांसादान की अपील पर सभी समाज के लोग बढ़चढ़कर भाग ले रहे है और कांसादान कर रहे है। बुढ़ादेव यात्रा का नेतृत्व कर रहे छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के जिलाध्यक्ष निखलेश देवान साहू ने बताया कि हम छत्तीसगढ़ की अस्मिता और उसके गौरवशाली इतिहास को विश्व पटल पर अंकित करने जा रहे है। इस प्रतिमा को बनाने के लिए जिनका भी योगदान होगा जब 15 किमी से चमकता हुआ कांसे से बनी प्रतिमा नजर आएगा तब गर्व से उसका सीना फूल जाएगा। उन्होने अपील किया कि 8 अप्रैल तक कांसादान का समय है और जो लोग इस महाअभियान में नहीं जुड़ पाए हैं वे इससे जुड़कर इतिहास रचने में सहभागी बने।
जागरूकता के लिए
युवा कर रहे है 150
किमी का पैदल सफर



