संजय जैन
धमतरी ।नगरी तहसील के उपक्षेत्र चिंवर्री में गोडवाना समाज के आमाजुगानी चैतराई पर्व
कार्यक्रम में विधायक उपस्थित हुई । उन्होने कहा भूमंडलीय युग में आदिवासी समाज दुनिया
को मुटठी में रखना है तो उसके लिए शिक्षा अनिवार्य है। आदिवासी समाज मेहनती है अपने
कर्तव्यों के प्रति ईमानदार स्वाभिमान जैसे महत्वपूर्ण मूल्य आदिवासी खून में है। लेकिन
दुनिया को अपने मुटठी में करना है तो शिक्षा अनिवार्य है। समय अनुकुल शिक्षा के अनुसार
कठोर मेहनत शिक्षा में लगाये। ये बात चैतरई पर्व चिंवरी क्षेत्र के कार्यक्रम करैहा
में समाज को संबोधित करते हुए कहा। हम विश्व आदिवासी दिवस मनाते थे लेकिन शासकीय अवकाश
नही मिलता था। हमारे मुखिया भूपेश बघेल ने अवकाश घोषित किया अब हम भव्य रूप से विश्व
आदिवासी दिवस मनाते है। हमारे छत्तीसगढ के संस्कृति को पहचान मिली है। अभी हमारे मुखिया
ने बजट में शामिल किये है कि आदिवासी समाज के प्रमुख त्यौहार को मनाने के लिए प्रत्येक
ग्राम पंचायत को सहयोग राशि दिया जायेगा। हमारे जो देव पुजारी है उनको भी सहयोग किया
जायेगा जिससे वो अपने देवी देवताओं का अच्छा पूजा पाठ कर सके। हमें अपने मूल धरोहर
को संवार कर रखना है। हमारे मुखिया द्वारा एक और महत्वपूर्ण घोषणा किया गया कि जो भी
प्रतियोगी परीक्षा होगा उसका फीस माफ होगा
कोई फस नही लगेगा। मैं आज उदारीकरण है आज पूरा
विश्व खुला हुआ है हम भारत के साथ.साथ विदेशों में जाकर अपना व्यवसाय या नौकरी कर सकते
है इसके लिए हमारे मुख्यमंत्री जी ने सभी ब्लाकों
में आत्मानंद स्कूल खोला गया है जिससे हमारे बच्चे अंग्रेजी माध्यम से पढकर उच्च स्थानों
पर पदस्थ हो सके प्रतियोगी परीक्षा में शामिल हो सके, हम आत्मनिर्भर बन सके। उक्त कार्यक्रम
में रामप्रसाद मरकाम, कौशिल्या कश्यप, हरक मण्डावी, विष्णुराम वट्टी, सतउराम वट्टी,
शकुंतला ठाकुर, प्रमोद कुंजाम एवं समाज जन उपस्थित थे।