एसआईआर को लेकर राहुल गांधी देश में भ्रम फैलाने का कर रहे प्रयास-चंदूलाल साहू

धमतरिहा के गोठ
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संजय जैन

धमतरी। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा लगातार किए जा रहे विरोध पर छत्तीसगढ़ स्टेट वेयरहाउसिंग कॉरपोरेशन के अध्यक्ष चंदूलाल साहू ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी चुनाव जैसे लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व की निष्पक्षता और पारदर्शिता को प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं। चुनाव तभी निष्पक्ष और पारदर्शी हो सकते हैं, जब मतदाता सूची में पात्र और वैध मतदाताओं के नाम दर्ज हों। चंदूलाल साहू ने कहा कि एसआईआर के माध्यम से मतदाता सूची का शुद्धिकरण किया जाता है। इसमें मृत व्यक्तियों, गैर भारतीयों, एक से अधिक स्थानों पर दर्ज नामों तथा अन्यत्र स्थानांतरित हो चुके मतदाताओं के नामों की जांच कर आवश्यकतानुसार हटाया जाता है। इससे मतदाता सूची में पात्र और वैध मतदाता ही रह जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी इसी प्रक्रिया का विरोध कर लोगों के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी यह दावा कर रहे हैं कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने भाजपा को लाभ पहुंचाने के लिए अकेले एसआईआर कराने का निर्णय लिया और इस प्रक्रिया में 13 करोड़ से अधिक लोगों के नाम मतदाता सूची से काट दिए गए। साहू ने कहा कि यह दावा तथ्यों से परे है। चुनाव आयोग के तीनों चुनाव आयुक्तों के अधिकार समान होते हैं और आयोग के निर्णय सर्वसम्मति अथवा बहुमत के आधार पर लिए जाते हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त आयोग की बैठकों की अध्यक्षता करते हैं। साहू के अनुसार, एसआईआर के दौरान हटाए गए नामों में बड़ी संख्या में मृत व्यक्तियों, वर्तमान पते पर नहीं मिलने वाले मतदाताओं, अन्यत्र स्थानांतरित हो चुके लोगों तथा एक से अधिक स्थानों पर दर्ज मतदाताओं के नाम शामिल हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले मतदाता सूची से अवैध और अपात्र नाम हटाने की मांग करते थे, वही लोग अब नामों के सत्यापन और शुद्धिकरण का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी और उसके नेता लगातार संवैधानिक संस्थाओं के प्रति भ्रम पैदा करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एसआईआर को लेकर राहुल गांधी का विरोध राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है और इसका उद्देश्य जनता को मोदी सरकार के खिलाफ बरगलाना है। 

    चंदूलाल साहू ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के पूर्ववर्ती शासनकाल में भी मतदाता सूचियों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। उन्होंने सोनिया गांधी की नागरिकता और मतदाता सूची में नाम शामिल होने को लेकर भी आरोप लगाए और कहा कि इस संबंध में न्यायालय में याचिका प्रस्तुत की गई है। उन्होंने केरल का उदाहरण देते हुए कहा कि कांग्रेस नेताओं ने स्वयं मतदाता सूची में फर्जी नाम होने की बात सार्वजनिक रूप से कही है। साहू ने कहा कि यदि एसआईआर के माध्यम से ऐसे नाम हटाए जा रहे हैं तो इसका स्वागत किया जाना चाहिए, न कि विरोध। साहू ने राहुल गांधी के नेतृत्व पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में कांग्रेस को लगातार चुनावी पराजय का सामना करना पड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इन राजनीतिक असफलताओं का ठीकरा अब राहुल गांधी एसआईआर और मुख्य चुनाव आयुक्त के सिर फोड़ना चाहते हैं।


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