धमतरी। गंगरेल बांध डूब प्रभावितों के भूमि आवंटन एवं अधिकारों का मामला एक बार फिर आंदोलन की राह पर है। माननीय उच्च न्यायालय, छत्तीसगढ़ के स्पष्ट आदेश के बावजूद लगभग छह वर्षों से लंबित मामले में प्रभावी कार्यवाही नहीं होने से डूब प्रभावितों ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। गंगरेल बांध डूब प्रभावितों की भूमि आवंटन संबंधी मांग को लेकर आज 05 अक्टूबर 2026 को अनुविभागीय अधिकारी, धमतरी को लिखित सूचना देकर आगामी आंदोलन से अवगत कराया गया है। समिति ने स्पष्ट किया है कि 12 अक्टूबर 2026, सोमवार से माँ अंगारमोती परिसर के पीछे गंगरेल बांध में जल सत्याग्रह एवं अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन शुरू किया जाएगा।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं हुआ अपेक्षित पालन
डूब प्रभावितों के भूमि आवंटन एवं अधिकारों के संबंध में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा WPC No. 5575/2008 एवं WPC No. 3055/2016 में 16 दिसंबर 2020 को आदेश पारित किया गया था। आदेश के अनुसार पात्र डूब प्रभावितों के संबंध में आवश्यक जांच प्रारंभ कर नियमानुसार भूमि आवंटन की कार्यवाही किया जाना था। लेकिन आदेश पारित होने के लगभग छह वर्ष बाद भी पात्र डूब प्रभावितों की भूमि आवंटन संबंधी प्रक्रिया प्रभावी रूप से आगे नहीं बढ़ सकी है। डूब प्रभावितों का आरोप है कि वर्षों से शासन और जिला प्रशासन के समक्ष आवेदन एवं निवेदन करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया।
“अब आश्वासन नहीं, जमीन पर कार्रवाई चाहिए”
डूब प्रभावितों का कहना है कि वर्षों से अपने अधिकारों के लिए इंतजार कर रहे परिवारों के सामने अब आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा है। उनका कहना है कि माननीय न्यायालय के आदेश का वास्तविक पालन और पात्र डूब प्रभावितों को भूमि आवंटन की ठोस प्रक्रिया ही इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य है। समिति ने कहा कि यह आंदोलन शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा और शासन-प्रशासन द्वारा मांगों के निराकरण की दिशा में ठोस एवं प्रभावी कार्यवाही प्रारंभ किए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा।
12 अक्टूबर से जल सत्याग्रह
समिति द्वारा दी गई सूचना के अनुसार 12 अक्टूबर से माँ अंगारमोती परिसर के पीछे गंगरेल बांध में जल सत्याग्रह एवं अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन प्रारंभ किया जाएगा। समिति ने जिला प्रशासन से मांग की है कि आंदोलन की स्थिति उत्पन्न होने से पहले ही माननीय उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए गंगरेल बांध डूब प्रभावितों की लंबित भूमि आवंटन प्रक्रिया पर तत्काल ठोस निर्णय लिया जाए। उक्त जानकारी हरिशंकर मरकाम कार्यकारी अध्यक्ष गंगरेल बांध डूब प्रभावित जन कल्याण समिति, धमतरी ने दी है


