संजय छाजेड़
हैदराबाद, 11 अगस्त 2026।
सांस्कृतिक स्रोत एवं प्रशिक्षण केंद्र (CCRT), हैदराबाद में 5 से 19 अगस्त 2026 तक आयोजित पुतली कला कार्यशाला में छत्तीसगढ़ के नौ शिक्षकों ने प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की शानदार प्रस्तुति दी।
“एक छत्तीसगढ़, विश्वसनीय छत्तीसगढ़” की भावना के साथ विभिन्न जिलों से आए शिक्षकों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत छत्तीसगढ़ के राजकीय गीत “अरपा पैरी के धार” के सामूहिक गायन से की। राजकीय गीत के सम्मान में उपस्थित सभी राज्यों के प्रशिक्षु शिक्षक खड़े होकर सम्मान व्यक्त किया।
इसके पश्चात छत्तीसगढ़ की भौगोलिक, सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक, शैक्षिक एवं ऐतिहासिक विशेषताओं, महान विभूतियों, राजकीय प्रतीकों, पारंपरिक व्यंजनों एवं लोकसंस्कृति का परिचय दिया गया। कार्यक्रम में करमा नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। वहीं राउत नाचा की शानदार प्रस्तुति ने पूरे वातावरण को उत्साह और उमंग से भर दिया। उपस्थित 13 राज्यों के शिक्षक छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की इस प्रस्तुति से अभिभूत नजर आए और टीम की मुक्त कंठ से सराहना की।
कार्यक्रम का प्रभावी मंच संचालन मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले के श्री मनोज कुमार चंद्रवंशी एवं धमतरी जिले की श्रीमती प्रीति शांडिल्य ने किया।
कार्यशाला में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करने वाले शिक्षकों में श्री प्रहलाद कुर्रे, श्री हिमांशु कौशिक, श्रीमती जीतेश्वरी ठाकुर, श्रीमती उषा यादव, श्रीमती प्रीति शांडिल्य, श्री प्रवीण कुमार कांछी, श्री नीलांबर सिदार, श्रीमती निरंजना ठाकुर एवं श्री मनोज कुमार चंद्रवंशी शामिल हैं।
यह सांस्कृतिक प्रस्तुति छत्तीसगढ़ की लोककला, परंपरा, संस्कृति और विविधता को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर बनी।फोटो कैप्शन:
