संजय छाजेड़
धमतरी। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘गोबरधन योजना’ और राज्य सरकार की ‘सुरभि गौ-धाम योजना’ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने तथा गो-धन के संरक्षण-संवर्धन में मील का पत्थर साबित हो रही हैं। इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से न केवल राज्य के किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि जैविक खेती और अक्षय ऊर्जा को भी नई दिशा मिलेगी।
उक्त बातें गौ सेवा आयोग के जिलाध्यक्ष श्री हेमराज सोनी जी* ने एक प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से कही हैं।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में अपशिष्ट प्रबंधन, स्वच्छता और गोबर से बायोगैस/जैविक खाद बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार की गोबरधन योजना एक दूरदर्शी पहल है। इसके साथ मिलकर राज्य सरकार की सुरभि गौ-धाम योजना बेसहारा गोवंश के संरक्षण, देखभाल और उनके संवर्धन के लिए बेहतर वातावरण तैयार कर रही है।
श्री सोनी ने आगे कहा कि- यदि कोई ग्राम पंचायत अपने गांव में सुरभि गौ-धाम शुरू करना चाहती है, तो सरपंच ग्राम समिति से प्रस्ताव बनाकर गौ सेवा आयोग को आवेदन कर सकती है। आयोग द्वारा पात्र पंचायतों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।
