संजय छाजेड़
धमतरी। गुरु ज्ञान का भण्डार है,गुरु मार्ग दर्शक है,गुरु एक एहसास है,गुरु प्यार है,गुरु ज्ञान की वाणी है,गुरु हमारे जीवन का चमत्कार है,गुरु मित्र हैं,गुरु भगवान का रूप है,गुरू आध्यात्म की परिभाषा है।जिसके मन मे अपने गुरु के लिए सम्मान होता है,एक दिन उनके कदमों में सारा जहां होती है।
उक्त बातें गुरु पूर्णिमा पर्व के अवसर पर योगेश फाउंडेशन के संचालिका श्रीमती अंकिता रत्नेश मिश्रा ने सुबह पहल न्यूट्री हब गली नम्बर में 3 में कही। साथ ही शाम को प्रयास न्यूट्री हब में गुरु पूर्णिमा पूरे कम्यूनिटी के सभी सदस्यों के साथ मनाया गया।
उक्त अवसर पर डाक्टर विनोद पाण्डे अस्थि रोग विशेषज्ञ ने अपने उद्बोधन में कहा कि, गु का अर्थ अंधकार और रु का अर्थ है उसे हटाने वाला,इसलिए गुरु केवल शिक्षा ही नहीं बल्कि अनुशासन,संस्कार और जीवन जीने की सही दिशा भी देता है।इसी कड़ी में पहल हब के संचालक डॉक्टर राकेश सोनी ने कहा कि,हम मानसिक रूप से जीतना गुरुमय रहेंगे,हमारे जीवन में उतना ही प्रसन्नता व्याप्त होती हैं। प्रसन्नता की प्राप्ति हेतु स्वयं को किसी ना किसी रूप में खुश, आनंदमय रखने का भाव चिन्तन करना चाहिए।
उक्त अवसर पर प्रयास हब के संचालक विपिन श्रीवास्तव ने शाम को अपने कम्यूनिटी सेंटर के सदस्यों से कहा कि गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर निरन्तर हमारे सदगुरु से जुड़ाव हो सके।उनसे हमारी आत्मीयता के चिन्तन में वृद्धि हो सके। इसी कड़ी में श्रीमती मिनाली सोनी ने कहा कि,गुरु पूर्णिमा ऐसा दिवस है जब पुनः अपने को सदगुरू से जोड़ने की क्रिया करना चाहिए।
कार्यक्रम के अन्त में स्वदेशी जागरण मंच के जिला संयोजक भूपेन्द्र मिश्रा ने कहा कि,गुरु पूर्णिमा हमें गुरु के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पावन अवसर प्रदान करती है। आईए,उनके चरणो में श्रद्धा सुमन अर्पित कर ज्ञान भक्ति और सेवा के मार्ग पर चलने का संकल्प ले।उक्त अवसर पर मुख्य रूप से पवन सर, गोविन्द सर,राकेश सर, जगदीश सर, ए के साहू सर, नीरज सर,नंद लाल सर, यशवंत सर, इनसु प्रीत सर, भूपेन्द्र सर, विनोद पाण्डे सर, राकेश सर, अशोक सर गोविन्द सर, विपिन सर, विजय सर, भूपेन्द्र रजक सर, राकेश रोशन सर, मिनाली मेम,मेनका
