स्वीडन में स्पेशल ओलंपिक्स गोथिया कप 2026 में स्वर्ण पदक जीतकर सत्यांशु दीप ने बढ़ाया देश, प्रदेश और धमतरी का मान

धमतरिहा के गोठ
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संजय छाजेड़ 
धमतरी, 17 जुलाई 2026/धमतरी जिले के लिए यह अत्यंत गौरव और ऐतिहासिक उपलब्धि का क्षण है। समाज कल्याण विभाग द्वारा अनुदानित सार्थक विशेष विद्यालय के प्रतिभाशाली छात्र सत्यांशु दीप ने स्वीडन के गोथेनबर्ग में आयोजित स्पेशल ओलंपिक्स गोथिया कप-2026 में भारतीय फुटबॉल टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए स्वर्ण पदक हासिल कर देश, छत्तीसगढ़ और धमतरी जिले का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।
लगभग 40 प्रतिशत बौद्धिक दिव्यांगता की चुनौती के बावजूद सत्यांशु ने अपने अटूट आत्मविश्वास, अनुशासन, कठिन परिश्रम और खेल के प्रति समर्पण से यह असाधारण सफलता अर्जित की है। उनकी उपलब्धि यह संदेश देती है कि अवसर, प्रोत्साहन और दृढ़ इच्छाशक्ति के बल पर कोई भी चुनौती सफलता के मार्ग में बाधा नहीं बन सकती।
  कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि सत्यांशु दीप की अंतरराष्ट्रीय उपलब्धि धमतरी जिले के लिए अत्यंत गौरव और प्रेरणा का विषय है। उन्होंने अपनी प्रतिभा, अनुशासन और अथक मेहनत के बल पर यह सिद्ध किया है कि दृढ़ संकल्प के सामने कोई भी चुनौती बड़ी नहीं होती। स्पेशल ओलंपिक्स गोथिया कप-2026 में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने न केवल भारत और छत्तीसगढ़, बल्कि पूरे धमतरी जिले का मान विश्व पटल पर बढ़ाया है। यह उपलब्धि हमारे सभी बच्चों, विशेषकर दिव्यांग बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत है कि उचित अवसर, प्रोत्साहन और आत्मविश्वास के साथ वे भी अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। सत्यांशु की इस सफलता पर उन्हें, उनके माता-पिता, प्रशिक्षकों, सार्थक विशेष विद्यालय एवं समाज कल्याण विभाग की पूरी टीम को हार्दिक बधाई और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं।”
   स्वीडन रवाना होने से पूर्व धमतरी कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने सत्यांशु से आत्मीय भेंट कर उन्हें शुभकामनाएं दी थीं। उन्होंने कहा था कि सत्यांशु जैसे खिलाड़ी जिले के युवाओं और विशेष रूप से दिव्यांग बच्चों के लिए प्रेरणा हैं तथा उनका अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुँचना पूरे जिले के लिए गर्व की बात है। कलेक्टर ने उनके उज्ज्वल प्रदर्शन की कामना करते हुए विश्वास व्यक्त किया था कि वे देश का गौरव बढ़ाएंगे। आज स्वर्ण पदक जीतकर सत्यांशु ने उस विश्वास को सच साबित किया है।
  समाज कल्याण विभाग की उप संचालक डॉ. मनीषा पांडेय ने भी सत्यांशु की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सफलता विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की क्षमता, आत्मविश्वास और संभावनाओं का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने इसे समाज के लिए प्रेरणादायी उपलब्धि बताते हुए सत्यांशु तथा उनके परिवार, प्रशिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन को बधाई दी।
   12 से 18 जुलाई 2026 तक स्वीडन के गोथेनबर्ग में आयोजित इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने से पहले नई दिल्ली में भारतीय टीम के खिलाड़ियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया था। इस अवसर पर सभी खिलाड़ियों को आधिकारिक भारतीय खेल किट प्रदान की गई तथा 11 जुलाई 2026 को भारतीय दल नई दिल्ली से स्वीडन के लिए रवाना हुआ था।
  सत्यांशु दीप का खेल सफर लगातार उपलब्धियों से भरा रहा है। वर्ष 2022 में गुजरात के गांधीनगर में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में एथलेटिक्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन, 2023 में पुदुचेरी की राष्ट्रीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता, 2025 में फरीदाबाद की राष्ट्रीय फुटबॉल स्पर्धा तथा ओडिशा के खोरदा में आयोजित राष्ट्रीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ को रजत पदक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने जैसी उपलब्धियां उनके खाते में दर्ज हैं।
  इसी वर्ष 2 से 7 फरवरी 2026 तक महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय, रोहतक (हरियाणा) में आयोजित स्पेशल ओलंपिक्स भारत की राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी सत्यांशु ने लॉन्ग जंप में स्वर्ण पदक तथा 100 मीटर दौड़ में कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया था। देश के 23 राज्यों के 500 से अधिक खिलाड़ियों के बीच यह उपलब्धि हासिल कर उन्होंने विद्यालय, जिले और प्रदेश का गौरव बढ़ाया था।
   सत्यांशु दीप की यह अंतरराष्ट्रीय सफलता न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि समावेशी शिक्षा, खेलों के माध्यम से दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण तथा समाज कल्याण विभाग के सतत प्रयासों की भी सार्थक परिणति है। उनकी इस उपलब्धि से जिले के विशेष बच्चों, युवाओं और खिलाड़ियों को नई प्रेरणा मिलेगी कि दृढ़ संकल्प, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।
सत्यांशु दीप की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर जिला प्रशासन, समाज कल्याण विभाग, सार्थक विशेष विद्यालय, प्रशिक्षकों, अभिभावकों तथा जिलेवासियों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं।

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