संजय छाजेड़
धमतरी। अंतरराष्ट्रीय श्रम दिवस के अवसर पर समाज के उत्थान एवं राष्ट्र के विकास में सशक्त भूमिका निभाने वाली माताओं एवं बहनों का योगेश फाउंडेशन के सदस्यों द्वारा पैर धोकर,तिलक लगाकर,श्रीफल भेंट कर एक अनोखा मिसाल पेश किया गया। मजदूर दिवस के अवसर पर उन्हें यह सम्मान जनक उपहार देकर समाज सेविका अंकिता रत्नेश मिश्रा ने यह संदेश दिया है कि,विकास केवल योजनाओं तक सीमित नहीं होना चाहिए बल्कि उसमें संवेदना और समानता भी झलकनी चाहिए।उनका मानना है कि, गांव और राष्ट्र के निर्माण में सबसे बड़ा योगदान मजदूर वर्ग का होता है लेकिन अक्सर उन्हें वह सम्मान नहीं मिल पाता जिसके वे हकदार हैं।ऐसे में यह पहल उनके आत्म सम्मान को बढ़ाने और उन्हें जीवन का एक यादगार अनुभव देने का प्रयास है।यह पहल न केवल अनोखी है बल्कि समाज के अन्तिम पंक्ति में खड़े लोगों को सम्मान देने कि सशक्त मिसाल भी है। उपस्थित मातृ शक्ति द्वय श्रीमती रमा देवी दीवान,श्रीमती शशि देवी दीवान ने कहा कि घर में आने वाली दीदी लोगों की सहायता से हमारा काम आसान हो जाता हैं और हम घरों में आराम कर पाते है श्रमिक और महिला मजदूर समाज की व्यवस्था की रीढ़ है उनके परिश्रम और समर्पण से ही समाज का विकास संभव हो पाता हैं।
इस अवसर नगर के प्रबुद्ध लोगों ने श्रमिक माताओं,बहनों के सम्मान में कहा कि,समाज में वास्तविक सम्मान के हकदार यदि कोई व्यक्तित्व है तो वह सबसे निचले पंक्ति में खड़े होकर अपने माथे से टपकती हुई पसीने के श्रम को समाज के उत्थान तथा बुनियादी विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने के लिए लगाते हैं। उपस्थित जनों द्वारा हीरा बाई राजपूत,शकुन यादव,सीता निषाद,पार्वती यादव सरिता ध्रुवंशी को सम्मानित किया गया।
उक्त अवसर पर योगेश फाउंडेशन के संचालिका एवं समाज सेवी अंकिता रत्नेश मिश्रा,रमा दीवान, शशी दीवान, रत्नावली मिश्रा, सुरेखा राजपूत, कौशल मिश्रा,पवन गिरी गोस्वामी, भूपेंद्र मिश्रा,राजेश यादव,लखन सिन्हा,अशोक साहू उपस्थित रहे।
