संजय छाजेड़
राज्य शासन ने महतारी वंदन योजना का लाभ लेने वाली महिलाओं के लिए ई-केवाईसी कराना अनिवार्य कर दिया है. जिसको लेकर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर ने कहां की भीषण गर्मी के बीच महतारी वंदन योजना के हितग्राहियो को केवाईसी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यह भाजपा साय सरकार की महिला विरोधी एवं गलत नीतियों को उजागर करती हैं. ई केवाईसी कराने में सबसे बड़ी परेशानी नाम में गलतियां होना है फॉर्म भरने के दौरान महिलाओं ने आधार कार्ड जमा किए थे बावजूद नाम और सरनेम की ऑनलाइन एंट्री करने के दौरान गलतियां की गई जिसका खामियाजा अब योजना के लाभ ले रहे महिलाओं को भुगतना पड़ रहा है. इन्हे सुधरवाने के लिए कोई आधार सेंटर भेज रहे हैं तो कोई महिला एवं बाल विकास विभाग जाने की सलाह दे रहे है। महिलाएं चॉइस सेंटरों के चक्कर लगाने मजबूर हैं। लेकिन सर्वर डाउन रहने के कारण उनका काम समय पर नहीं हो पा रहा है। गांवों की स्थिति और भी चिंताजनक है। गांवों की महिलाओं को अभी तक यह स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है कि उनका केवाईसी कहां और कैसे होगा? जानकारी के अभाव में वे इधर-उधर भटक रही हैं। जिससे समय और श्रम दोनों की बर्बादी हो रही है। भाजपा ने प्रदेश के प्रत्येक महिलाओं को महतारी वंदन योजना का लाभ दिलाने का वादा किया था. लेकिन आज सत्ता में काबिज होने के बाद इस योजना का लाभ प्रदेश के प्रत्येक महिलाओं को मिलना तो दूर पात्र हितग्राहियो के नाम काटने का प्रयास इस भीषण गर्मी में केवाईसी के माध्यम से किया जा रहा है. साय सरकार के कुशासन में महिलाओं को गुणवत्ताहीन एवं छोटी साड़ी का वितरण कर उनके आत्मसम्मान, स्वाभिमान को ठेस पहुंचाई जाती है. तो कभी 500 रूपये में गैस सिलेंडर देने का झूठा वादा कर धुवा युक्त चूल्हा फुकने मे मजबूर किया जाता है। साय सरकार की गलत नीतियों से प्रदेश की महिला लगातार प्रताड़ित हो रहीं है. जिसका परिणाम आने वाले समय मे निश्चित देखने को मिलेगी।
