संजय छाजेड़
धमतरी 8 मई।जिला प्रशासन के आदेश पर अपने दायित्व का निर्वहन नहीं करने वाले लोगों की अब खैर नहीं है। समय समय पर टीएल बैठक में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा द्वारा शासन, प्रशासन के आदेश, निर्देश का अक्षरश: समय सीमा में पालन करने की हिदायत दी जाती रही है। इसके बाद भी जिले के कुछ ब्लाकों में पदस्थ राजस्व विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों द्वारा इसका पालन नहीं किये जाने को लेकर अब जिला प्रशासन ऐसे लोगों पर कार्यवाही प्रारंभ कर दिया है। जिले के संवेदनशील कलेक्टर अब एक्शन मोड में आ गये हैं। कार्यों में लापरवाही बरतने वालों पर गाज गिरना शुरू हो गया है। श्री मिश्रा ने कार्य में लापरवाही बरतने वाले भखारा, भठेली क्षेत्र के एक राजस्व निरीक्षक को निलंबित कर यह स्पष्ट संदेश दे दिया है। इस आदेश की जानकारी राजस्व अमले में जंगल के आग की तरह फैली जबकि जिलेवासियों को अब यह उम्मीद जगी है कि अन्य कुछ राजस्व मामलों में भी ऐसी ही कार्यवाही होना आवश्यंभावी है।
मिली जानकारी के अनुसार तहसील भखारा के राजस्व निरीक्षक मंडल भठेली अन्तर्गत सीमांकन प्रकरणो में कृषकगण को सीमांकन हेतु समय दिये जाने के पश्चात भी सीमांकन की कार्यवाही समय पर पूर्ण नही किये जाने के संबंध में तहसीलदार भखारा द्वारा मोहित कुमार सोनी राजस्व निरीक्षक भठेली को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब प्राप्त किया गया। साथ ही कलेक्टर भू.अभिलेख शाखा जिला धमतरी द्वारा भी पत्र क्रमांक 487 दिनांक 27/04/2026 के तहत कारण बताओ नोटिस दिया गया। राजस्व निरीक्षक श्री सोनी भठेली द्वारा प्रस्तुत कारण बताओ नोटिस का जवाब संतोषप्रद नही पाया गया। मोहित कुमार सोनी राजस्व निरीक्षक भठेली तहसील भखारा के द्वारा प्रस्तुत जवाब संतोषजनक नही पाये जाने एवं छ0ग0 सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 में निहित प्रावधानों का उल्लंघन करने के कारण छ0ग0 सिविल सेवा आचरण नियम 1966 के नियम 9 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। मोहित कुमार सोनी राजस्व निरीक्षक को निलंबन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।
कार्यालय कलेक्टर भू अभिलेख शाखा धमतरी के आदेश के मुताबिक उक्त राजस्व निरीक्षक को निलंबित किये जाने से जिले में इसकी खबर वायरल हुई। अब ऐसे शिकायतकर्ता जिन्होंने अन्य राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों के कार्यों को लेकर शिकायत की है, इन्हें अब उम्मीद है कि कलेक्टर अबिनाश मिश्रा अब उन पर भी जांच पश्चात इसी प्रकार कार्यवाही करेंगे। यहां यह बताना लाजिमी है कि भखारा क्षेत्र में पदस्थ एक तहसीलदार द्वारा शासकीय भूमि रास्ता को निजी व्यक्ति के नाम पर चढ़ाये जाने की शिकायत की गई है। इसमें भी तहसीलदार, आरआई, पटवारी पर आरोप लगे हैं। ब्लॉक मगरलोड में भी तत्कालीन तहसीलदार विवेक गोहिया एवं नायब तहसीलदार तथा आरआई, पटवारी पर भी शासकीय चारागाह भूमि को निजी व्यक्तियों के नाम चढ़ाकर उन्हें उक्त भूमि को विक्रय करने का आरोप लग चुका है। इसकी भी शिकायत ग्रामीण क्षेत्र के लोगों ने कलेक्टर से की थी। अभी हाल ही में नगरी अनुविभाग अंतर्गत प्रभारी अनुविभागीय अधिकारी राजस्व द्वारा 48 डायवर्सन प्रकरणों में भी संबंधित विभागों की अनापत्ति प्रमाण पत्र लिये बिना किये गये आदेश की शिकायत की गई है। लेकिन ऐसे अधिकारियों पर आरोप के चलते किसी प्रकार की जांच अथवा कार्यवाही नहीं की गई है किंतु अब भखारा भठेली के राजस्व निरीक्षक के कार्यों में लापरवाही बरतने एवं संतोषप्रद जवाब नहीं देने के कारण उन्हें उपरोक्त सिविल सेवा अधिनियम के अंतर्गत कलेक्टर ने निलंबित कर दिया है। कलेक्टर के एक्शन मोड में आते ही राजस्व सहित अन्य विभाग के अधिकारी, कर्मचारियों में हडक़ंप मच गया है। सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में लापरवाही बरतने वाले कुछ और अधिकारी, कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है।
