बजट में युवाओं के लिए सिर्फ निराशा, भर्ती और रोजगार पर सरकार मौन: राजा देवांगन

धमतरिहा के गोठ
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संजय छाजेड़ 
आज प्रस्तुत राज्य बजट पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए एनएसयूआई जिलाध्यक्ष राजा देवांगन ने इसे प्रदेश के युवाओं, छात्रों एवं बेरोजगारों के लिए पूर्णतः दिशाहीन और निराशाजनक बताया है।

युवाओं के साथ अन्याय:
राजा देवांगन ने कहा कि बजट में युवाओं के लिए किसी भी नई योजना की घोषणा नहीं की गई है। प्रदेश के लाखों बेरोजगार युवा नई भर्ती की आशा लगाए बैठे थे, किंतु नए पदों पर भर्ती, शिक्षक भर्ती तथा असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती को लेकर सरकार ने कोई स्पष्ट रोडमैप पेश नहीं किया। यह युवाओं के साथ सीधा अन्याय और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ है।

जमीनी कर्मचारियों की अनदेखी:
रसोइया संघ पिछले कई महीनों से वेतन वृद्धि की जायज मांग कर रहा है, लेकिन बजट में उनके लिए किसी भी प्रकार की राहत या सम्मानजनक निर्णय का अभाव दिखता है। इससे स्पष्ट है कि सरकार जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों की समस्याओं के प्रति संवेदनहीन है।

सिर्फ घोषणाओं की सरकार:
अध्यक्ष ने आगे कहा कि केवल नए कॉलेज खोलने की घोषणाएं कर देना पर्याप्त नहीं है। उन कॉलेजों में नवीन सेटअप के लिए आवश्यक पदों की भर्ती एवं संसाधनों की व्यवस्था का कोई ब्लूप्रिंट बजट में नहीं है। बिना स्टाफ और संसाधनों के नए कॉलेज केवल कागजी साबित होंगे।

धमतरी की उपेक्षा और नालंदा परिसर का अधूरा सच:

धमतरी जिले एवं नगर क्षेत्र की बात करें तो पिछले वर्ष घोषित कार्यों में भी नगण्य प्रगति हुई है। उदाहरण के तौर पर 'नालंदा परिसर' जैसे महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट पर अब तक 1% कार्य भी पूर्ण नहीं हुआ है। इस वर्ष के बजट में भी धमतरी जिले के लिए कोई विशेष नई परियोजना स्वीकृत नहीं की गई है, जो धमतरी की जनता के साथ सौतेला व्यवहार है।

एनएसयूआई का स्पष्ट मत है कि यह बजट बेरोजगारों, छात्रों एवं आम युवाओं के सपनों को नजरअंदाज करने वाला बजट है। सरकार को चाहिए कि वह केवल भाषणों तक सीमित न रहकर युवाओं के भविष्य के प्रति गंभीरता दिखाए और जल्द ही ठोस निर्णय ले।

राजा देवांगन
जिलाध्यक्ष, एनएसयूआई धमतरी

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