संजय
छाजेड़।
धमतरी।मातृत्व दिवस के शुभ अवसर पर छ ग मराठा समाज महिला प्रकोष्ठ द्वारा प्रदेश स्तरीय महिला सम्मेलन व प्रतिभा सम्मान समारोह छत्रपति शिवाजी मराठा मंगल भवन धमतरी में दिनभर विविध कार्यक्रम के संग आयोजित हुआ। समाज सेवा समेत अन्य क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली अलग अलग जिलो से चयनित 13 महिलाओं का सम्मान किया गया। वरिष्ठ व जूनियर महिलाओ ने रोचक सांस्कृतिक नृत्य की प्रस्तुति दी। जिसमे यादे कल और आज स्मिता महाडिक़ व फ्रेंड्स समूह रायपुर व निशक्त धमतरी कविता बाबर समूह तथा बारह मासी गीत संगीत .रानी जाधव व समूह बिलासपुर इस प्रकार तीनो ही प्रस्तुति ने दर्शक दीर्घा को झूमने पर मजबूर कर दिया।
कार्यक्रम
का शुभारंभ सुबह 11 बजे हुआ। इस दौरान मां तुलजा भवानी के तैलचित्र पर माल्यार्पण व
दीप प्रज्वलन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता छग मराठा समाज अध्यक्ष अरुण राव घाडगे,
छग मराठा समाज महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष कविता योगेश बाबर ने की। प्रारंभिक उदबोधन
स्वागत उदबोधन नीता रणसिंह जिलाध्यक्ष
धमतरी ने देकर महिला सम्मेलन के आयोजन के महत्व
पर प्रकाश डाला। इसी कड़ी जिलाध्यक्ष
दीपक राव लोंढे ने कहा कि आज समाज मे महिलाओ
को बराबरी का दर्जा है अत: हमे समाज
की एकता व अखण्डता को बनाये रखने सबका सम्मान
करना है। उन्होने इस महत्वपूर्ण कार्य क्रम
की सफलता की कामना भी की।
प्रदेश अध्यक्ष अरुण राव घाडगे ने कहा कि आज के दौर में महिलाएं, पुरुषों से आगे बढ़ रही हैं। महिलाएं हर क्षेत्र में कदम रख चुकी हैं। उन्होंने कहा कि समाज को एकजुट रहना है। आगामी दिनों समाज के युवाओं के लिए युवक.युवती परिचय सम्मेलन का आयोजन होगा, जिसमें प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों से समाज जन शामिल होंगे। मुख्यअतिथि के रूप में मां बम्लेश्वरी जनहितकारी समिति दिव्य तपस्विनी चेरिटेबल ट्रस्ट के संस्थापक व राष्ट्रीय अध्यक्ष पद्म फूलबासन बाई यादव, हाईकोर्ट नागपुर बैंच अध्यक्ष व अधिवक्ता स्मिता सरोडे सिंगलकर, राष्ट्रीय सुरक्षा जागरण मंच व सैन्य मनोविज्ञानी राष्ट्रीय महासचिव वर्णिका शर्मा, कवियित्री डॉ मीना बंधन थीं। सभी वक्त्ताओ ने महिलाओ के बिना परिवार की कल्पना को नकारा उन्होने कहा कि यदि कोई महिला का सम्मान घर पर नही हुआ और जिस घर पर महिला के आखो मे किसी भी कारण से आसू आ गया तो समझो उस घर पर दुख का प्रवेश हो गया। डा वर्णिका शर्मा ने अपनी सुन्दर कविता से सबका मन मोह लिया है। अधिवक्ता स्मिता सरोडे सिंगलकर
ने कहा की भारतीय सविंधान ने नारी शक्ति को बहुत से अधिकार दिये है जिसको सबको जानने व समझने की ज़रूरत है आज के इस आधुनिक युग में नारी अबला नहीं सबला की भूमिका में है डा मीना बंधन ने सभा को संबोधित करते हुवे कहा की मातृ शक्ति में वो क्षमता होती है की वो अगर ठान ले तो कोई भी लक्ष्य कठिन नहीं है ज़रूरत है तो परिश्रम से उसे पाने की अध्यक्षता कर रही कविता योगेश बाबर ने अतिथियो के प्रति ह्रदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा की आज जो अतिथि हमारे बीच उपस्थित हुवे है वो अपने अपने क्षेत्रों में महारत हासिल कर अपनी मेहनत व लगन से इस मुक़ाम तक पहुँचे है आज यहां उपस्थित समाज की नारी शक्तियों से यह आव्हान करती हूँ की हम सब इनके विचारों को सुने समझें व अपने जीवन में इसे उतारने का प्रयास करे छत्तीसगढ की गौरव फूलबासन ने छत्तीसगढी भाषा मे कहा की जीवन में उतार चढ़ाव आते रहते है उससे डरने व घबराने के बजाय उसका मुक़ाबला करे तो लक्ष्य को हासिल करने से हमे कोई नहीं रोक सकता ।दोपहर बाद महिला प्रतिभा सम्मान 2024 से विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं का सम्मान किया गया। इनमें राजिम की सारिका महाडिकि, बिलासपुर की लक्ष्मी वाशिग पूर्व अध्यक्ष,जीजा माता महिला मंडल बिलासपुर, रायपुर की सुषमा महाडिक़ि, उषा पवार पूर्व अध्यक्ष, कांकेर की झरना कदम, आरती शिंदे, कोंडागांव की डॉ् निशा जाधव, महासमुंद की शशिप्रभा थिटे, धमतरी की डॉ आभा हिशीकर, खुशबू सालुके, भावना घोरपड़े, जयश्री रणसिंह, भिलाई की लता स्वप्निल शिर्के शामिल रही । जिन्हे सर्टिफिकेट व स्मृति चिन्ह भेटकर सम्मानित किया गया। मातृत्व दिवस के अवसर पर आयोजित इस महिला सम्मेलन मे धमतरी निवासी नितिन पवार ने मराठा समाज के गरीब परिवार की बिटिया को अध्यापन हेतू सम्पूर्ण खर्च देने की घोषणा। बस्तर संभाग के संयोजक लोकेश गायकवाड ने एक गुप्त दान की घोषणा की जिसके अनुसार भविष्य मे छत्तीसगढ मराठा समाज का अपना विशाल भवन तैयार करने ट्रस्ट का निर्माण कर प्रारंभिक नीव तैयार करने हेतु पूरे दस लाख रूपये के गुप्त दान की घोषणा की जिसका पुरे मराठा समाज ने कर्तल ध्वनि से स्वागत किया। मुख्य रूप से इस सम्मेलन मे समस्त जिलो के महिला व पुरूष अध्यक्ष उपस्थित रहे जिनको भी स्मृति चिन्ह व सम्मान पत्र भेट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अशोक राव पवार,विनोद लोंढे, अनिल साळुंके, योगेश बाबर, नवीन जाचक, सुल्तान राव पवार, अशोक कावड़े, महेन्द्र जाधव, विनोद माढरे, हेम राव शिरगिरे, हर्ष वर्धन भोंसले, राजकुमार वाशिंग, सुरेश जाधव,काशी राव गाढे,जय नारायण कदम नरसिंह कदम संग अभिमन्यु बाबर, सुशांत राव पवार, कल्पना रणसिंह, पार्ष नीलू पवार, सुचिता लोंढे,वर्षा रणसिंह, विनिता पवार, वंदना पवार, जया रणसिंह ,प्रगति पवार, मुकेश पवार, मुकुंद पवार गोपाल राव रणसिंग आदि बड़ी संख्या में समाज जन उपस्थित थे।कार्यक्रम का विधिवत सफलतापूर्वक संचालन डा अपूर्वा शिन्दे, राजश्री रणसिंह व लोकेश गायकवाड ने किया।

.jpeg)

