संजय जैन
धमतरी | सर्व पितृ मोक्ष अमावस्या पर रुद्रेश्वर महादेव घाट
में स्वर्गधाम सेवा समिति ने अनजान मृतकों का पिंडदान एवं तर्पण किया। सुबह 10,30 बजे
पंडित रामअवतार तिवारी ने विधि विधान से सभी 587 अनजान मृतकों का पिंडदान एवं तर्पण
कराया। महानदी के रूद्रेश्वर घाट में पूजा पश्चात पिंडदान कर मृतात्माओं की शांति के
लिए प्रार्थना की गई। मंचीय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सेवाभावी चिकित्सक डॉ रोशन
उपाध्याय ने पितृ पक्ष के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पितृ पक्ष 16 दिनों का महोत्सव है।
जल, भोजन ,हवन के माध्यम से हम पितरों को तर्पण करते है। शास्त्र पितृ पक्ष को महोत्सव
के रूप में मनाने कहता है।
भगवान के 24 प्रमुख अवतार है। भगवान भी अपने पितरों
का तर्पण करते है। इसलिए सन्यास हो चाहे गृहस्थ श्राद्ध और पिंडदान
करने की आज्ञा देते है। जो अपने माता पिता पितरों का पक्ष लेते है उनका भगवान भी पक्ष
लेते है। पितर अगर संतुष्ट है तो समझो भगवान का आशीर्वाद है। तर्पण 4 प्रकार के होते
है। इनमें एकोदिष्ट श्राद्ध, पार्वण श्राद्ध, तीर्थ श्राद्ध, नान्दीमुख श्राद्ध शामिल
है।
स्वर्गधाम
सेवा समिति के महासचिव अशोक पवार ने कहा कि
मेरे व हम सबके अंदर इंसानियत पैदा हो इसी उद्देश्य को लेकर यह कार्यक्रम आयोजित
किया जाता है। समिति 20 साल से यह काम कर रही,इसमे सभी शहरवासियों का सहयोग मिलता है।
आज हमें पितरों का महत्व जनना बहुत जरूरी है। अशोक पवार ने बताया कि बहुत ही सौभाग्य
की बात है कि आने वाले समय में स्वर्गधाम सेवा समिति भिलाई के रामनगर मुक्तिधाम में
20 साल से रखे 40 अस्थियों का हिन्दू रीति
रिवाज से पिंडदान करेगी।कुछ कानूनी प्रक्रिया के बाद अस्थियां हमे हैंडओवर होने की
उम्मीद है।
धमतरी
निगम के महापौर विजय देवांगन के सहयोग से भिलाई नगर निगम के एमआईसी में यह विषय पास
भी हो गया है। राज्यपाल से अनुमोदन बाद इसी
रूद्रेश्वर घाट में हिन्दू रीति रिवाज से पिंडदान करेंगे। कार्यक्रम को संबोधित करते
हुए राजमानस संघ के अर्जुनपुरी गोस्वामी ने कहा कि स्वर्गधाम के कार्य की जितनी प्रशंसा
की जाए कम है। अशोक पवार पूरी ईमानदारी से इस नेक कार्य को अंजाम दे रहे है।
विधायक रंजना साहू ने कहा कि इस कार्यक्रम में सबका भाव लगा रहता है,क्योकि यह ऐसा कार्यक्रम है जहाँ हम अनजान मृतकों के पिंडदान कार्यक्रम में शामिल होते है। पहले घर मे कन्या पैदा होती थी,तो लोग कहते थे की बेटियां है तो काम बढ़ गया। लेकिन अब इसे लोग बड़ा सौभाग्य मानते है। रंजना साहू ने कहा कि एक बार कुछ लोगों ने मुझे वृद्धाश्रम खोलने की मांग की, तब मैंने कहा कि आज बुनुर्गो का घर मे होना जरूरी है। उनका सानिध्य अति आवश्यक है। ऐसा हुआ तो वृद्धाश्रम की जरूरत नहीं पड़ेगी।
इस अवसर
पर स्वर्गधाम सेवा समिति के अध्यक्ष एवंत गोलछा, गोपाल शर्मा,श्यामा साहू, लक्ष्मण
राव मगर, जगजीवन सिंह, अमनगिरी गोश्वामी, हरीश सिन्हा, प्रवीण टिकरिहा, बिहारीलाल अग्रवाल,
तीरथराज फुटान, सियाराम साहू, विनोद पांडे, राजा श्रीवास्तव, चित्ररेखा निर्मलकर ,
योगेश बाबर, विशाल गौरी, आदि उपस्थित थे।



.jpeg)


