संजय जैन
धमतरी 2 जून। सिहावा रोड मुख्य मार्ग से अंदर की ओर शांति कालोनी चौक के आगे स्थित भूमि को शिकायतकर्ताओं के द्वारा पृथक-पृथक रूप से पंजीकृत बैनामा के जरिये क्रय किया है। उक्त बिक्री पत्र के आधार पर सभी का नाम अलग-अलग शासकीय अभिलेखों में दर्ज किया गया है। भूमि को खरीदने के पूर्व विक्रयकर्ता ने जमीन खरीदी करने वाले व्यक्तियों को आने-जाने के लिये 20 फीट चौड़ा एवं 70 फुट लंबा रास्ता दिया है। उपरोक्त 20*70 रकबा 1400 वर्गफुट जो कि खसरा नंबर 411/16 का नया नंबर 411/91 है, में से रास्ते के रूप में सुरक्षित रखने के लिये किशोर जसवानी एवं पांच अन्य व्यक्तियों के नाम पर 20.12.2018 को पंजीकृत किया गया है तथा 411/98 रकबा 20*40 वर्गफुट आवागमन रास्ते के लिये दिलीप सुंदरानी एवं एक अन्य के नाम से पंजीकृत है। इस प्रकार आवागमन के रास्ते के लिये 20*110 वर्गफुट कुल 2200 वर्गफुट भूमि आरक्षित की गई है। उक्त क्षेत्र आवागमन के अलावा किसी अन्य प्रकार का कोई उपयोग नहीं करेगा किंतु सुरेश वल्र्यानी के द्वारा खसरा नंबर 411/88 रकबा 2681 वर्गफुट क्रय किया है और उसने निगम से अनुमति के विपरीत जाकर 6200 वर्गफुट में भव्य काम्प्लेक्स का अवैध निर्माण किया है जिसे लेकर सन्मुख दास पंजवानी,महेश चावला, राजेश वाधवानी, मनीष बुधवानी, मनीष कुमार अग्रवाल, आशीष पाटीकर, रौनक अग्रवाल, प्रदीप सेठिया ने निगम को शिकायत कर अवैधानिक निर्माण किये स्थल को तोडऩे का आवेदन दिया था परंतु निगम द्वारा उक्त संबंध में किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं होने से 9 मई 2023 को पुन: निगम आयुक्त को एक शिकायत देकर उक्त अवैध निर्माण को तोडऩे की एवं उस क्षेत्र का नियमितिकरण न करने की मांग की है। ऐसा लगता है कि निगम द्वारा जारी नोटिस मात्र दिखावा बनकर रह गया है जिसके चलते अतिक्रमणकारी के हौसले बुलंद नजर आ रहे हैं।
निगम आयुक्त को दी गई 9.5.2023 की शिकायत में उपरोक्त शिकायतकर्ताओं ने कहा है कि अवैध निर्माण को तोड़वाने एवं अन्य के निजी भूमि में भी निर्माण करने के कारण प्रश्राधीन अवैध काम्प्लेक्स का भवन नियमितिकरण नहीं किया जाये, चूंकि सुरेश वल्र्यानी के द्वारा खसरा नंबर 411/88 रकबा 2681 वर्गफुट क्रय किया है एवं उपरोक्त भूमि पर मकान निर्माण हेतु नगर निगम धमतरी से भूतल एवं प्रथम तल की अनुमति ली है। भूतल 1125 वर्गफुट एवं प्रथम तल 1125 वर्गफुट में आवासीय भवन निर्माण की अनुमति मिली है परंतु उक्त व्यक्ति के द्वारा भूतल में 3100 वर्गफुट एवं प्रथम तल में 3100 वर्गफुट कुल 6200 वर्गफुट में भव्य व्यवसायिक काम्प्लेक्स का निर्माण किया गया है जिसमें व्यवसायिक काम्प्लेक्स के अनुसार पार्किंग में स्थान आरक्षित नहीं है इसलिये शिकायतकर्तागणों को आवागमन में परेशानी हो रही है तथा वर्तमान में बिना अनुज्ञा के तृतीय तल में निर्माण कार्य चल रहा है। इस प्रकार सुरेश वल्र्यानी के द्वारा नगर निगम धमतरी से प्राप्त अनुज्ञा के विपरीत आवागमन के लिये छोड़े गये रास्ते की भूमि में लगभग 5 फुट चौड़ा एवं 110 फुट लंबा कुल 550 वर्गफुट पर अतिक्रमण कर भवन काम्प्लेक्स निर्माण किया गया है। इसके अलावा रास्ते में अपनी गाड़ी खड़ा कर आवागमन को बाधित करता है जिसके कारण आवागमन में वहां निवासरत लोगों को असुविधा एवं परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में उपरोक्त शिकायतकर्तागण पूर्व में अतिरिक्त निर्माण को हटाने बाबत शिकायत पत्र दिये थे जिस पर निगम आयुक्त के द्वारा सुरेश वल्र्यानी के विरूद्ध स्वीकृत मानचित्र के अनुसार प्रस्तावित सडक़ से मध्य 15 मीटर की भूमि के भाग से 10 फीट भूमि के पीछे से 25 फीट एवं भूमि के बाजू से 5 फीट छोडक़र निर्माण किया जाना था किंतु उक्त व्यक्ति द्वारा एमओएस का पालन नहीं करते हुए निर्माण कार्य संपादित कराया जा रहा है जो शासन के नियमानुसार 1.25 अधिकतम एफएआर की अनुमति है किंतु उक्त व्यक्ति एमओएस का पालन नहीं करते हुए एफएआर से अधिक निर्माण किया है। इस निर्माण को 15 दिवस के भीतर हटाने की सूचना निगम द्वारा दिया गया था लेकिन उसने निगम के उक्त सूचना का पालन नहीं किया है।
शिकायतकर्ताओं ने निगम आयुक्त को यह भी बताया है कि अतिरिक्त निर्माण कार्य को 15 दिवस के भीतर हटाने की सूचना पत्र क्रमांक/आयुक्त/नपानि/भ.अनु.शा./2020/704 दिनांक 27.4.2020 है। निगम द्वारा स्वीकृत अनुज्ञा के अनुरूप निर्माण कार्य नहीं करने एवं अवैध निर्माण कार्य को हटाने बाबत सुरेश वल्र्यानी को पत्र क्रमांक/भ.अधि./नपानि/भ.अनु.शा./2022/2010 दिनांक 5.8.2022 को सूचना दिया गया था। उक्त सूचना में अवैध निर्माणकर्ता को स्वीकृति से अधिक वर्गफुट भूमि पर निर्माण किया है, इस प्रकार उक्त व्यक्ति द्वारा एमओएस का पालन नहीं किया गया है जो नपानि की धारा 307 व 308 का उल्लंघन है। अवैध निर्माण को सात दिवस के भीतर स्वयं हटा लेने की सूचना भेजी गई थी। इस सूचना में यह भी कहा गया था कि अतिरिक्त निर्माण को यदि आपके द्वारा नहीं हटाया गया तो निगम द्वारा हटाने की कार्यवाही की जायेगी जिस पर होने वाले व्यय के वसूली की जवाबदारी आप पर होगी। उक्त निगम नोटिस के बावजूद भी सुरेश वल्र्यानी के द्वारा अतिरिक्त भूमि पर अतिक्रमण कर अवैध निर्माण किया गया है जिसे आज दिनांक तक नहीं हटाया गया है। इसके बाद पुन: निगम के द्वारा अंतिम नोटिस क्रमांक/भ.अधि./नपानि/भ.अनु.शा./2022/2269/ दिनांक 22.8.2022 को दिया गया है। अंतिम नोटिस के बाद भी भवन काम्प्लेक्स निर्माणकर्ता के द्वारा अतिक्रमित भूमि पर से निर्माण कार्य को नहीं हटाया गया। जिसे लेकर नगर पालिक निगम ने एक अन्य नोटिस भू.अधि./नपानि/भ.अनु.शा./2022/2709/दिनांक 12.9.2022 है, उक्त नोटिस अवैध निर्माण हटाने हेतु कर्मचारी दलों का गठन कर 14.9.2022 को प्रात: 11 बजे निर्माण हटाने दल भेजा गया। लेकिन सुरेश वल्र्यानी व अन्य के द्वारा वाद-विवाद करने के कारण गठित दल वापस आ गया। इस प्रकार किशोर जसवानी व अन्य के द्वारा रास्ते के लिये छोड़ी गई भूमि को सुरेश वल्र्यानी के द्वारा अतिक्रमण कर आने-जाने के मार्ग 20*110 फीट को अवरूद्ध किया गया है। उसके बाद भी उक्त व्यक्ति द्वारा अतिक्रमण नहीं हटाया है जिसे लेकर निगम द्वारा अब सख्ती से कार्यवाही करते हुए उक्त भूभाग का नियमितिकरण न करते हुए अतिरिक्त निर्माण को सख्ती के साथ तोड़ा जाये। उल्लेखनीय रहे कि शहर में हो रही चर्चा के अनुसार इस पूरे मामले पर निगम के जिम्मेदार अधिकारी सहित कुछ जनप्रतिनिधि जिन पर जनता का भरोसा था, ऐसे लोग भेंट-पूजा लेकर मामले को जान बूझकर लटकाने का प्रयास कर रहे हैं जबकि जांच में यह स्पष्ट हो चुका है कि शिकायतकर्ता की शिकायत पूरी तरह सहीं है। अगर इसी तरह का मामला किसी गरीब का होता तो निगम का तोडू दस्ता स्थल पर जाकर उसे तहस-नहस करने में विलंब नहीं करता। इस मामले को लेकर निगम कमिश्रर श्री पोयाम से दूरभाष पर संपर्क कर उनका पक्ष लिये जाने का प्रयास किया गया परंतु उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
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