संजय जैन
धमतरी 2 जून। पिछले दिनों धमतरिहा के गोठ द्वारा छग प्रदेश राईस मिलर्स एसोसियेशन के कोषाध्यक्ष रोशन चंद्राकर द्वारा उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय भारत सरकार को एक शिकायत शपथ पत्र के साथ प्रस्तुत करते हुए धमतरी एवं राजधानी के भाखनि के अधिकारियों पर चांवल सेंपल पासिंग के नाम पर करोड़ों रूपये लिये जाने की शिकायत की गई थी जिसे प्रमुखता से ब्लॉग में प्रस्तुत किया गया था जिसका असर यह रहा कि कोषाध्यक्ष की शिकायत पर रायपुर एवं धमतरी के संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और आगे की जांच जारी है। इस समाचार को ब्लॉग में प्रसारित करने के बाद उक्त कार्यवाही की गई जिसे लेकर ब्लॉग से जुड़े सैकड़ों लोगों ने इस पर धमतरिहा के गोठ को बधाई प्रेशित की है।
छग प्रदेशराईस मिलर्स एसोसियेशन के कोषाध्यक्ष श्री चंद्राकर द्वारा केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को 26.5.2023 को शिकायत प्रस्तुत करते हुए बताया गया था कि भाखनि में एरिया मैनेजर रवि कुमार मीणा, धमतरी के मैनेजर क्यूसी के के साहू के द्वारा भाखनि के बड़े अधिकारी की जानकारी में करोड़ों रूपये पिछले और इस वर्ष अवैध रूप से वसूला गया है। वर्तमान में भाखनि में 29 मीट्रिक टन के चांवल के लाट को स्वीकृत करने के एवज में 7500 रूपये के प्रति लाट की दर से रिश्वत ली गई है जो कि पूर्व में 6 हजार रूपये प्रति लाट की दर से ली जाती रही है। इस प्रकार छग के रिजनल ऑफिस/जिला कार्यालय में पदस्थ जो अधिकारी बैठे हुए हैं वे सर्वाधिक भ्रष्ट हैं जिनके विरूद्ध बारिकी से जांच किया जाता है तो करोड़ों रूप्ये के नगद, जमीन जायदाद, सोना चांदी जो खरीदी गई है उसका रहस्योद्घाटन हो सकता है। श्री चंद्राकर ने मंत्री को की गई शिकायत में यह भी बताया गया कि इस वर्ष 1500 रूपये प्रति लाट की राशि यह कहकर बढ़ाई गई कि छग प्रदेश के भाखनि के सारे जिलों में यह संदेश भेजकर बताया गया कि बड़े अधिकारियों द्वारा इस वर्ष ऊपर के अधिकारियों केंद्रीय खाद्य सचिव/सीएमडी भाखनि/ईडी भाखनि अधिकारी लोगों एवं केंद्रीय सरकार के मंत्रियों को अतिरिक्त पैसा भेजना है, इसलिये अतिरिक्त राशि वसूली की गई।
शिकायत पत्र में कोषाध्यक्ष द्वारा यह भी बताया गया कि छग में 2021-22 में छग भाखनि द्वारा 3244615 मीट्रिक टन चांवल लिया गया। उस पर 7500 रूपये प्रति लाट के हिसाब से 29 मीट्रिक टन के लाट के हिसाब से 85.85 करोड़ रूपये की अवैध उगाही की गई है। इस वसूली में बड़े अधिकारी से लेकर छोटे अधिकारी तक शामिल हैं। शिकायत में यह भी कहा गया है कि जो राईस मिलर इसकी शिकायत करेगा उसके लाट को बार बार रिजेक्ट किया जायेगा और साथ ही उसे ब्लेक लिस्टेड कर दिया जायेगा इसी कारण राईस मिलर्स उक्त भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कोई शिकायत नहीं करते रहे। लेकिन पानी अब सर से ऊंचा हो चुका है और राईस मिलर्स पूरी तरह रिश्वत देने के मामले में मजबूर हो गये हैं। इस वजह से यह शिकायत आपके समक्ष प्रस्तुत की जा रही है। चंूकि आपने 20 फरवरी 2023 को वाणिज्य कर भवन नई दिल्ली में बैठक आयोजित की थी जिसमें छग के राईस मिलर्स के प्रतिनिधि के रूप में मैं भी शामिल था जिसमें कहा था कि भाखनि को सुगम, पूर्ण पारदर्शी, भ्रष्टाचार से पूर्ण रूप से मुक्त करने का आव्हान किया था, इस वजह से यह शिकायत प्रस्तुत की गई है। जिसमें आपसे उच्च स्तरीय जांच की मांग की जाती है। इस शिकायत के बाद केंद्रीय मंत्री ने तत्काल संज्ञान लेते हुए दिल्ली से राजधानी रायपुर एक विशेष जांच टीम भेजी और अविलंब कार्यवाही की जिसकी प्रतिलिपि धमतरिहा के गोठ को भी उपलब्ध कराई गई थी।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने जो अधिकारियों को दिल्ली से रायपुर भेजा और धमतरिहा के गोठ ब्लॉग में सर्वप्रथम समाचार प्रसारित किया गया था, उसके आधार पर खबर है कि धमतरी, कुरूद के जितने भी जिम्मेदार अधिकारी जिनकी तादाद 50 बताई जा रही है, उन सभी अधिकारियों का स्थानांतरण त्वरित गति से किया गया। इनमें दो लोगों को निलंबित भी किया गया। श्री चंद्राकर ने धमतरिहा के गोठ के संपादक से दूरभाष पर धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि यह सब आप सभी के मदद से संभव हुआ है। जिन अधिकारियों के विरूद्ध कार्यवाही की गई है उसमें भाखनि में दिल्ली से लेकर रायपुर तक के अधिकारियों में खलबली मची हुई है। शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि यदि इस जांच टीम के द्वारा बारिकी से जांच की जाती है तो अब तक की गई वसूली में करोड़ों, अरबों रूपये का भ्रष्टाचार उजागर हो सकता है और कई बड़े अधिकारी इस जांच की ज़द में आयेंगे।
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