साहब का अहंकार-नागरिक , अधिनस्थों से अमर्यादित व्यवहार

धमतरिहा के गोठ
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संजय जैन 

धमतरी । राज्य शासन द्वारा पिछले कुछ माह पूर्व जिले के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया था जिनमें धमतरी भी शामिल था। जिलेवासियों को ऐसी उम्मीद थी कि नये अधिकारी तालमेल बनाकर अपने कर्तव्य का निर्वहन करेंगे। लेकिन उनके द्वारा किये जा रहे व्यवहार की सर्वत्र चर्चा है। अब तो यह भी पता चला है कि वे अपने अधिनस्थों से भी अमर्यादित व्यवहार कर रहे हैं जिससे उनके विरूद्ध न सिर्फ जिले में बल्कि अधिनस्थों में भी काफी नाराजगी देखी जा रही है। शासन द्वारा जिस अधिकारी की नियुक्ति यहां की गई है, वे हैं तो शासकीय सेवक परंतु हावभाव इनका किसी राजा-महाराजा से कम नहीं हैं। बात-बात पर लोगों से अमर्यादित व्यवहार कर उन्हें प्रताडित कर रहे हैं जिसकी समूचे जिले में जबरदस्त चर्चा है। ज्ञात रहे कि इससे पूर्व भी उक्त अधिकारी की जिस जिले में पदस्थापना रही है, वहां भी इनका व्यवहार काफी रूखा था जिसके चलते वहां के जनप्रतिनिधि के साथ इनका विवाद भी काफी चर्चाओं में रहा है। यही कारण है कि कुछ ही समय में राज्य शासन द्वारा इनका स्थानांतरण आदेश जारी कर दिया गया लेकिन उसके बाद भी इनके व्यवहार में अब तक कोई परिवर्तन नही आया उक्त वरिष्ठ अधिकारी के अपने अहंकार के चलते आम नागरिको के साथ एवं अपने अधिनस्थों के साथ भी अमर्यादित व्यवहार किया जाता है जिसके कारण आमजन तो परेशान हैं ही, अधिनस्थ भी नाखुश हैं।


        जिले के वरिष्ठ अधिकारी होने के नाते इनका दायित्व होता है कि वे सभी को साथ लेकर चलें। किसी के साथ सौतेला व्यवहार न हो, कोई फरियादी अपनी समस्या को रखे बिना वापस नहीं जाना चाहिये। त्वरित कार्यवाही करने हेतु शासन के निर्देश के अनुसार होना चाहिये। लेकिन जबसे ये अधिकारी जिले में अपनी आमद दिये हैं, तबसे लेकर अब तक सिवाय विवाद, उपेक्षा, लोगों को प्रताडित करना, किसी से नहीं मिलना, फोन नहीं उठाना, ऐसी सब नीति से जिलेवासी बेहद त्रस्त हैं और अपनी मूलभूत समस्याओं को लेकर भी वे संबंधित अधिकारी से नहीं मिल सकते। जबकि दूसरी ओर प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल पिछले कई महीनों से भेंट-मुलाकात कार्यक्रम के दौरान लोगों के बीच जाकर उनकी समस्याओं को सुनते रहे। यहां तक कुछ लोगों के घरों में भोजन तक किया और अपनी सादगी का इजहार करते शासन के द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ली जिससे प्रदेशवासियों में हर्ष का वातावरण बना हुआ है किंतु दूसरी ओर उनके अधिनस्थ अधिकारी द्वारा जिस प्रकार अपना व्यवहार किया जा रहा है, उससे जिले में सत्तापक्ष की छवि धूमिल हो रही है।


        धमतरी जिला नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से घिरा हुआ है। वहां से लोग अपनी समस्याओं को लेकर मुख्यालय पहुंचकर अधिकारी से भेंट मुलाकात करना चाहते हैं। लेकिन जबसे इनकी नियुक्ति हुई है, ये महोदय सभी से ऐसा व्यवहार कर रहे हैं जिससे शासन की छवि धूमिल हो। जो अधिकारी अपने अधिनस्थों से भी अमर्यादित व्यवहार करे और उन्हें बात-बात में प्रताडि़त करें तो इससे साफ है कि उक्त अधिकारी जिले के विकास को लेकर गंभीर नहीं हैं। दिखावे के लिये भले ही शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर अपनी सक्रियता दिखाये परंतु धरातल पर ऐसा कुछ भी नजर नहीं आ रहा है। कुछ ग्रामों के लोगों ने बताया कि जिले के अधिकारी अपने क्षेत्रों में आये जरूर, लेकिन औपचारिकता पूर्ण कर फोटो खिंचाकर वे अपने गंतव्य को रवाना हो गये। अनेक ऐसे भुक्तभोगी हैं जो जिले के इस अधिकारी से मिलने की चाहत लेकर आते हैं लेकिन मजाल है कि पर्ची भेजने के बाद भी उन्हें घंटों खड़ा कर नहीं बुलाते। इनमें से कुछ लोग ऐसे भी हैं जो नक्सल प्रभावित क्षेत्र से धमतरी पहुंचकर अपनी समस्या को बताकर उसका निदान कराना चाहते हैं। लेकिन उनकी समस्याओं को सुनने के लिये समय ही नहीं दिया जाता।


        जिले में जबसे ये अधिकारी का आगमन हुआ है, तबसे लेकर अल्पावधि में समूचे जिले में इनके खिलाफ नाराजगी देखी जा रही है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों से लगभग 3 हजार लोग जब अपनी 10 सूत्रीय मांगों को लेकर उनसे भेंट करना चाहा तो उन्होंने इनसे भेंट नहीं की जिससे इन लोगों ने समस्याओं के निराकरण नहीं होने पर विधानसभा, लोकसभा चुनाव के बहिष्कार की घोषणा की। इधर पिछले दिनों से भेंडसर-भखारा के एक किसान द्वारा जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी से मिलने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल मुख्यालय के रोड पर की जा रही है। अपने परिवार सहित बैठे इस किसान की किसी भी अधिकारी ने अब तक सुध नहीं ली है। इससे क्षुब्ध होकर उक्त किसान न्याय की गुहार लगाते हुए अपने समस्या का निराकरण किये जाने की मांग की है, अपितु इच्छामृत्यु की मांग की है। इसी तरह अनेक ऐसे भुक्तभोगी हैं जो अपनी समस्याओं को मीडिया के समक्ष रखकर मायूस चले जा रहे हेंै। हद तो यह है कि जब अधिकारी अपने अधिनस्थों से ही अमर्यादित व्यवहार करे तो आम लोगों की समस्याओं का निराकरण करने उनसे भेंट क्यों की जायेगी? अब देखना है कि धमतरी जिले में जिस प्रकार अधिकारी के रवैये से जिलेवासियों में खासी नाराजगी है, उससे ऐसा कयास लगाया जा रहा है कि आने वाले समय सत्तापक्ष को जिले की तीनों सीटों से हाथ धोना पड़ सकता है।      


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