संजय छाजेड़
भाजपा सरकार द्वारा केंद्रीय (ED, CBI, IT) और राज्य की जांच व प्रशासनिक एजेंसियों (EOW/ACB) का दुरूपयोग कर कांग्रेस पार्टी की छवि को धूमिल करने तथा वरिष्ठ नेताओं व कार्यकर्ताओं को लगातार प्रताड़ित किए जाने के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या मे राजीव भवन से एकत्रित होकर भाजपा सरकार के खिलाफ नारा -बाजी करते हुए गांधी मैदान पहुँचे जहाँ आक्रोशित कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का पुतला दहन किया। इस दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का पुलिस से झुमा-झटकी भी हुई लेकिन कांग्रेसी पुतला जलाने में सफल हुए। इस आंदोलन को लेकर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर ने कहा कि भाजपा सरकार पूरी तरह से राजनीतिक द्वेष और बदले की भावना से काम कर रही है। हमारे वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रदेश कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी इस बात का प्रमाण है कि सरकार अपनी विफलताओं को छिपाने और कांग्रेस की छवि खराब करने के लिए सरकारी तंत्र का सहारा ले रही है। लोकतांत्रिक संस्थाओं का ऐसा चीरहरण इतिहास में कभी नहीं हुआ। पूर्व विधायक लेखराम साहू नें कहा की आज पूरे देश और प्रदेश में तानाशाही का माहौल है। ED और EOW जैसी स्वतंत्र एजेंसियां अब भाजपा के अग्रिम संगठन की तरह काम कर रही हैं। रामगोपाल अग्रवाल जी ने हमेशा जांच में सहयोग की बात कही, लेकिन उनके खराब स्वास्थ्य की अनदेखी कर दुर्भावनापूर्वक यह कार्रवाई की गई है। यह सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या है।" पूर्व जिला अध्यक्ष मोहन लालवानी शरद लोहाना नें कहा की भाजपा जितनी भी कोशिश कर ले, कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता चट्टान की तरह अपने नेताओं के साथ खड़ा है। यह गिरफ्तारी किसी घोटाले की जांच नहीं, बल्कि कांग्रेस की बढ़ती लोकप्रियता से डरी हुई भाजपा सरकार की हताशा का नतीजा है। जेल भेजने और डराने की यह राजनीति अब छत्तीसगढ़ में नहीं चलेगी। पूर्व महापौर विजय देवांगन, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष नीशू चंद्राकर नें कहा की जब-जब चुनाव नजदीक आते हैं या भाजपा जनहित के मुद्दों पर घिरती है, तब-तब वह कांग्रेसी नेताओं के घरों पर छापे और गिरफ्तारियां शुरू कर देती है। रामगोपाल जी की गिरफ्तारी छत्तीसगढ़ के स्वाभिमान पर हमला है। पूर्व पीसीसी सचिव आनंद पवार, जिला पंचायत सदस्य कविता बाबर नें कहा की यह लड़ाई सिर्फ रामगोपाल अग्रवाल जी की गिरफ्तारी के खिलाफ नहीं है, बल्कि देश के संविधान और लोकतंत्र को बचाने की लड़ाई है। प्रशासनिक अधिकारियों को भी यह समझना चाहिए कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, उन्हें किसी राजनीतिक दल के इशारे पर कठपुतली नहीं बनना चाहिए। कांग्रेस का यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक न्याय नहीं मिल जाता। संगठन महामंत्री अरविद दोषी, ब्लॉक अध्यक्ष योगेश शर्मा, गौतम वाधवानी नें कहा की धमतरी की जनता और कांग्रेस कार्यकर्ता इस दमनकारी नीति का सड़क से लेकर सदन तक पुरजोर विरोध करेंगे। भाजपा सरकार विकास के मोर्चे पर पूरी तरह फेल हो चुकी है। कानून व्यवस्था ध्वस्त है और जनता त्रस्त है। ध्यान भटकाने के लिए पुरानी बातों और झूठे केसों को आधार बनाकर हमारे नेताओं को प्रताड़ित किया जा रहा है। पुतला दहन तो सिर्फ एक शुरुआत है, अगर यह प्रताड़ना बंद नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा जिला कांग्रेस अध्यक्ष तारिणी चंद्राकर, पूर्व विधायक लेखराम साहू, पूर्व जिला अध्यक्ष मोहन लालवानी, शरद लोहाना, पूर्व महापौर विजय देवांगन, पूर्व उपाध्यक्ष जिला पंचायत नीशू चंद्राकर, जिला पंचायत सदस्य कविता बाबर, पूर्व पीसीसी सचिव आनंद पवार, संगठन महामंत्री अरविंद दोषी, जिला उपाध्यक्ष सूर्याराव पवार, सलीम रोकडिया, नरेश जसूजा, जिला महामंत्री आकाश गोलछा, ब्लॉक अध्यक्ष योगेश शर्मा, गौतम वाधवानी, नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर, एनएसयूआई जिला अध्यक्ष राजा देवांगन, पिछड़ा वर्ग कांग्रेस जिला अध्यक्ष प्रमोद सिन्हा, उपनेता प्रतिपक्ष विशु देवांगन, पार्षद सुमन मेश्राम, पूर्णिमा रजक, राजेन्द्र देवांगन, जिला सचिव खिलेंद्र साहू, राजेश पांडे, बीसौहा राम साहू, सलीम तिगाला, चंदन रजक, चंद्रहास साहू, अयूब खान, गीतराम सिन्हा, शैलेंद्र दीवान, ऋषभ ठाकुर, कन्हैया सोनी, देवेन्द्र देवांगन, नवीन गजेंद्र, मोहन ध्रुव, गोपाल कामड़े, भागी ध्रुव, गजानंद रजक, एमन साहू, अजय डहरिया, यश राजपूत, अविनाश मारोठे, संजू साहू, नमन बंजारे, रजत सोनकर, हेमंत सेन, चंदन रजक, अजय सिन्हा, सूरज पासवान, राजेन्द्र पुजारी, श्रवण बघेल, प्रवीण कश्यप, रामकुमार सरोज, दुर्गेश समुन्द्र, गीतेश्वरी सिन्हा, यशवंत पटेल, लक्ष्मीकांत साहू, रियाज अहमद सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
