संजय छाजेड़
पुलिस अधीक्षक धमतरी श्री सूरज सिंह परिहार के निर्देशन में कानून-व्यवस्था की चुनौतीपूर्ण एवं विपरीत परिस्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने, उग्र भीड़ एवं दंगाइयों को नियंत्रित करने तथा पुलिस बल की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता को और अधिक मजबूत बनाने हेतु आज रक्षित केंद्र धमतरी के परेड ग्राउंड में व्यापक (मॉक ड्रिल) का बलवा ड्रिल अभ्यास का छठवां सत्र का आयोजन किया गया।
शुक्रवार प्रातः आयोजित इस विशेष अभ्यास के दौरान दंगा एवं उपद्रव जैसी परिस्थितियों का वास्तविक स्वरूप तैयार किया गया, जिसमें प्रदर्शनकारियों द्वारा पथराव, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने एवं पुलिस बल पर आक्रामक व्यवहार की स्थिति निर्मित की गई।
रक्षित निरीक्षक श्री दीपक शर्मा द्वारा बलवा मॉकड्रिल के लिए पुलिस जवानों की अलग-अलग टीमें गठित की गईं, जिनमें -
▪️ टियर गैस पार्टी
▪️ केन पार्टी
▪️ लाठी पार्टी
▪️ राइफल पार्टी
▪️ मेडिकल पार्टी
अभ्यास के दौरान प्रदर्शनकारियों को पहले समझाइश देकर शांतिपूर्ण ढंग से नियंत्रित करने का प्रयास किया गया, किन्तु भीड़ के उग्र होने एवं पुलिस बल पर पथराव शुरू करने की स्थिति में पुलिस द्वारा चरणबद्ध कार्यवाही करते हुए पहले चेतावनी दी गई।
स्थिति नियंत्रित नहीं होने पर अश्रु गैस के गोले छोड़े गए, इसके बाद भी उपद्रवियों द्वारा सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने एवं हिंसक गतिविधियां जारी रखने पर पुलिस द्वारा माइक अनाउंसमेंट के माध्यम से अंतिम चेतावनी दी गई।
मॉकड्रिल के दौरान परिस्थिति अधिक गंभीर होने पर भीड़ को नियंत्रित करने हेतु पुलिस टीम द्वारा लाठीचार्ज किया गया तथा मजिस्ट्रेट के आदेश उपरांत 05 राउंड फायरिंग का भी अभ्यास किया गया।
अभ्यास में कुछ प्रदर्शनकारियों एवं पुलिसकर्मियों के घायल होने की काल्पनिक स्थिति निर्मित की गई, जिनका मेडिकल टीम द्वारा तत्काल प्राथमिक उपचार कर एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंचाने की कार्यवाही का भी सफल प्रदर्शन किया गया।
बलवा मॉकड्रिल में दंगाई एवं पुलिस - दोनों ही भूमिकाएं पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों द्वारा निभाई गईं। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य कानून-व्यवस्था ड्यूटी, धरना-प्रदर्शन, भीड़ नियंत्रण एवं आपातकालीन परिस्थितियों में पुलिस बल की कार्यकुशलता, समन्वय क्षमता एवं त्वरित निर्णय लेने की क्षमता को और अधिक प्रभावी बनाना रहा।
पुलिस अधीक्षक श्री सूरज सिंह परिहार द्वारा बलवा ड्रिल की विस्तृत समीक्षा करते हुए अभ्यास के दौरान सामने आई कमियों एवं चुनौतियों पर गंभीरता से चर्चा की गई।
उन्होंने बताया कि भविष्य में ऐसी आपात परिस्थितियों से और अधिक प्रभावी ढंग से निपटने हेतु किन-किन बिंदुओं पर सुधार एवं विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। साथ ही बलवा नियंत्रण, टीम समन्वय, त्वरित प्रतिक्रिया, सुरक्षा उपकरणों के उपयोग तथा रणनीतिक कार्यवाही को और अधिक सशक्त एवं व्यवस्थित बनाने संबंधी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
इस दौरान उपस्थित अधिकारी एवं कर्मचारियों से बलवा ड्रिल एवं आपात परिस्थितियों से संबंधित विभिन्न प्रश्न पूछे गए, जिनका संतोषजनक उत्तर देने एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन करने पर आरक्षक धनेन्द्र साहू को 100 रुपये नगद पुरस्कार प्रदान कर उत्साहवर्धन किया गया। वहीं सराहनीय कार्य एवं अनुशासित प्रदर्शन के लिए सउनि राधेश्याम बंजारे, आरक्षक गिरधर साहू एवं आरक्षक गनपत साहू को सेवा पुस्तिका में “प्रशंसा” अंकित किए जाने की घोषणा कर प्रोत्साहित भी किया गया।
