संजय छाजेड़
धमतरी- जिले के प्रसिद्ध जलाशय पं. रविशंकर शुक्ल गंगरेल जलाशय में जिला प्रशासन द्वारा पहली बार आयोजित भव्य नौकायन प्रतियोगिता कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं धमतरी की पूर्व विधायक श्रीमती रंजना डीपेंद्र साहू बतौर अतिथि शामिल हुईं। कार्यक्रम को लेकर क्षेत्रवासियों में विशेष उत्साह और उमंग देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ पारंपरिक विधि-विधान के साथ किया गयाजिसके बाद विभिन्न वर्गों के प्रतिभागियों ने नौकायन प्रतियोगिता में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। जलाशय का मनोहारी दृश्य और प्रतियोगिता की रोमांचक प्रतिस्पर्धा ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर श्रीमती रंजना डीपेंद्र साहू ने विजेता प्रतिभागियों को जिला प्रशासन एवं अन्य अतिथियों के साथ पुरस्कार वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किये, उन्होंने सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करते हैं, बल्कि क्षेत्रीय पर्यटन को भी बढ़ावा देते हैं। अपने संबोधन में श्रीमती रंजना डीपेंद्र साहू ने कहा कि धमतरी के इतिहास में यह पहला अवसर है जब गंगरेल जलाशय में इतने भव्य स्तर पर नौकायन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है, यह पहल निश्चित रूप से युवाओं में खेल भावना को प्रोत्साहित करेगी और हमारे क्षेत्र को नई पहचान दिलाएगी। गंगरेल जलाशय प्राकृतिक सुंदरता का अद्भुत उदाहरण है, जिसे पर्यटन के रूप में विकसित करने की अपार संभावनाएं हैं। श्रीमती साहू ने आगे कहा कि जिला प्रशासन द्वारा किया गया यह प्रयास सराहनीय है। भविष्य में ऐसे और भी आयोजन होते रहने चाहिए, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिले और धमतरी जिले का नाम प्रदेश एवं देश में गौरवान्वित हो। कार्यक्रम के दौरान श्रीमती रंजना साहू ने महानदी में दीपदान कर समस्त क्षेत्रवासियों की सुख-समृद्धि एवं कुशलता की कामना की। इस भावनात्मक और आध्यात्मिक क्षण ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं के साथ नौकायन का आनंद भी लिया, जिससे कार्यक्रम में सहभागिता और उत्साह और अधिक बढ़ गया। श्रीमती रंजना साहू ने इस भव्य एवं सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन को हृदय से बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं आमजन उपस्थित रहे, जिन्होंने आयोजन की सराहना की।
