आज दिनांक 23 फ़रवरी 2026 से गंगरेल बाँध प्रभावित जनकल्याण समिति के नेतृत्व में गंगरेल बाँध के डूब प्रभावित परिवारों द्वारा गांधी मैदान, धमतरी में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन प्रारंभ कर दिया गया है।
यह निर्णय प्रभावित परिवारों की सामान्य बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया था, क्योंकि वर्षों से लंबित मांगों पर प्रशासन द्वारा कोई ठोस एवं प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। विशेष रूप से छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 16.12.2020 को पारित आदेश (रिट याचिका क्रमांक 5575/2008 एवं 3055/2016) के बावजूद पात्र प्रभावितों को समानता के आधार पर भूमि आवंटन अब तक सुनिश्चित नहीं किया गया है।
प्रभावित परिवारों का कहना है कि न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के पश्चात भी आदेश का पालन न होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। भूमि एवं स्थायी पुनर्वास के अभाव में अनेक परिवार आज भी असुरक्षित जीवन जीने को विवश हैं। बच्चों की शिक्षा, आजीविका के साधन तथा सामाजिक स्थिरता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
समिति ने स्पष्ट घोषणा की है कि जब तक प्रभावितों की न्यायोचित मांगों का निराकरण नहीं किया जाता और उच्च न्यायालय के आदेश का पूर्ण पालन सुनिश्चित नहीं होता, तब तक धरना-प्रदर्शन निरंतर जारी रहेगा। यह आंदोलन पूर्णतः शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक दायरे में संचालित किया जा रहा है।
समिति ने जिला प्रशासन से पुनः आग्रह किया है कि शीघ्र सकारात्मक पहल कर प्रभावित परिवारों को उनका वैधानिक अधिकार प्रदान किया जाए, जिससे वर्षों से लंबित न्याय की प्रतीक्षा समाप्त हो सके।
रामनिहोरा निषाद, महाराजी राम ध्रुव, आत्मा राम ध्रुव, कृपा राम सिन्हा, सहदेव साहू, पंडोराम मंडावी, रोहित नेताम, जय कुमार सेन, गोपाल राम सिन्हा, शंभूराम, पुष्कर शोरी, उत्तम सहारे सहित सभी डूबान प्रभावित वासी।
