संजय जैन
धमतरी | हसदेव बचाओ आंदोलन में शामिल सर्व आदिवासी समाज,गोंडवाना गोंड महासभा सहित अन्य संस्थाओं के खिलाफ 1 वर्ष बाद पुलिस विभाग व्दारा एफआईआर दर्ज करने के मामले एवं पेसा एक्ट के संसोधन तथा पांचवी अनुसूची क्षेत्र में स्थानीय आरक्षण, जिला रोस्टर लागू सहित 23 सूत्रीय मांगों को लेकर सर्व आदिवासी समाज व्दारा जेल भरो आंदोलन किया गया। इसके अलावा मणिपुर में हुए विदारक घटना की न्यायिक जांच कर दोषियों के उपर सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
जेल भरो
आंदोलन के दौरान गांधी चौक में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए सर्व आदिवासी समाज के
जिलाध्यक्ष जीवराखन लाल मरई ने कहा कि छत्तीसगढ में आदिवासी समाज जंगल में रहते हुए
प्राकृतिक रूप से जीवकोपार्जन करते है सरकार सडक और उद्योग के नाम पर आदिवासियों के
जमीन हडप रही है। सरगुजा क्षेत्र के हसदेव में अडानी को लाभ दिलाने के लिए लाखों पेडों
की बली चढा दी गई। इनके विरोध करने पर समाज के लोगों को परेशान करने के लिए अडानी एंड
कंपनी के इशारे पर राज्य सरकार उन पर एफआईआर दर्ज कर रही है। सरकार समाज से डर रही
है इसलिए जबरन उन्हे परेशान किया जा रहा है। मूल निवासी समाज इसका पूरजोर विरोध करेगी।
आंदोलन
में शामिल गोंडवाना गोंड महासभा के प्रदेश उपाध्यक्ष निखिल नेताम एवं सर्व आदिवासी
समाज के प्रदेश उपाध्यक्ष रूपेन्द्र नगारची ने कहा कि प्रदेश में आदिवासियों को शोषण
हो रहा है जिन पर एफआईआर दर्ज होना चाहिए उन पर कोई एफआईआर दर्ज नही किया जा रहा है।
फर्जी जाति प्रमाण पर कोई कार्रवाई नही हो रही है। अपने संवैधानिक मांगों को लेकर आदिवासी
समाज लगातार लडाई रहा है लेकिन गूंगी बहरी सरकार कोई कार्रवाई नही कर रही है। बसपा
प्रमुख आशीष रात्रे ने कहा कि नक्सलवाद के नाम पर आदिवासी समाज को गाजर मूली की तरह
काटा जा रहा है लगातार समाज को टारगेट कर जनसंख्या कम करने की साजिश की जा रही है।
समाज की बहन बेटियों के साथ अत्याचार हो रहा है लेकिन सरकार में बैठे एसटी, एससी नेता
चुप्पी साध रखे है।
सर्व आदिवासी समाज के कार्यकारी जिलाध्यक्ष महेश रावटे ने कहा कि मणिपुर में आदिवासी महिलाओं के साथ दुव्र्यहार हो रहा है उन्हे निवस्त्र कर खुली परेड कराई जा रही है जो वहां के कानून व्यवस्था सीधा चोट है। आज सिर्फ एक महिला ही नही बल्कि देश की अस्मिता भी बेआबरू हो गई है। इसे लेकर समाज में भारी आक्रोश है। मणिपुर में कानून व्यवस्था खत्म हो चुकी है वहां राष्ट्रपति कानून लगाया जाना चाहिए।
समाज प्रमुखो ने कोतवाली थाने में गिरफ्तारी देने के साथ साथ प्रशासन को ज्ञापन दिया। जिसमें मणिपुर घटना की न्यायिक जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस मौके पर जयपाल ठाकुर, ठाकुर राम नेताम, कमलनारायण ध्रुव, अशोक मेश्राम, देवनाथ नेताम, सोमन पडोटी, जग्गूराम पडोटी, हरिचन्द्र नेताम, हिरामन ध्रुव, लतखोर राम, नेकराम ध्रुव, होमन सिंह ध्रुव, मदन लाल नगारची, नंदकिशोर नेताम, ओमसिंग मंडावी, गणपत मंडावी, मंगतू राम ध्रुव, मनसाय मंडावी, राम प्रसाद ध्रुव, कृष्णा नेताम, कुलेश्वर ध्रुव, रामेश्वर मरकाम, हेमंत छेदैहा, रविन्द्र नेताम, मुंकुद नेताम सहित आदिवासी समाज के लोग उपस्थित रहे।


.jpeg)

.png)