संजय जैन
धमतरी | राजनीति के अखाडे मेें अधिकांश नेता कसरत से जनसम्पर्क कर रहे है। कुछ टिकिट के जुगाड में लगे हुए है, बात बात पर प्रेस विज्ञप्ति जारी कर रहे है इस तरह किसी भी सूरत में वे मीडिया के सुर्खियो में छाया रहना चाहते है लेकिन कुछ नेता खामोशी से अपनी पार्टी के प्रति समर्पित रहकर कार्य कर रहे है। इन नेताओं में ऐसे भी नेता है जो बिना विधानसभा चुनाव लडे हवा में उड रहे है जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण भाजपा के एक वरिष्ठ नेता से दिया जा सकता है जो लगातार मीडिया के सुर्खियो में बने हुए है परंतु उनका स्वभाव अभी से आसमानो में उड रहा है। यह नेता शहर में जब कार में निकलते है तो कार का शीशा पुरी तरह बंद रहता है जिसे देखकर चौक चौराहो में कुछ लोगो ने यह कहा कि जब अभी से इनका व्यवहार बदल गया है जिनसे क्या उम्मीदे की जा सकती है। चर्चा तो यह भी है कि दो दिन पहले रायपुर आये पार्टी के एक बडे नेता का इनको स्वागत करने का मौका क्या मिल गया ये अपने आप को तुर्रमखां समझने लगे है जबकि जमीनी हकीकत कुछ और है।
आगामी
महिनो में विधानसभा चुनाव संभावित है इसे लेकर शहर में विभिन्न राजनीतिक दलो के नेताओं
द्वारा प्रचार प्रसार शुरू कर दिया है शहर होर्डिंग से भर चुका है। किसी भी गांव अथवा
शहर में होने वाली बैठको की पे्रस विज्ञप्ति जारी की जाती है ताकि राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक
स्तर में अपनी पकड मजबूत कर सकें। देश के दो दलो के नेताओं द्वारा यहीं प्रक्रिया पिछले
एक महिने से अपनायी जा रही है। यदा कदा राष्ट्रीय एवं प्रादेशिक स्तर का नेताओं का
राजधानी से लेकर जिले तक प्रवास हो रहा है तरह तरह के प्रलोभन देने वाली योजनाएं उनके
द्वारा बतायी जाती है ताकि मतदाताओ को अपनी पार्टी की ओर रूझा सकें। लेकिन शहर की जनता
ऐसे सभी बातो से वाकिफ है। वह समझती है कि नेता ऐसा क्यो कह रहे है? हालांकि विधानसभा
चुनाव को अभी लगभग 55 से 60 दिन बाकी है लेकिन पार्टी के नेताओं द्वारा शहर को जिस
तरह चुनावी दंगल हो ऐसा बना दिया गया है। नेता अपने घर से निकलते है और मिलने वालो
लोगो से हाय हलो करते हुए आगे बढते है। लेकिन एक नेता के द्वारा पिछले दिनो से शहर
में कार से भ्रमण किया जा रहा है, जब उन्हे आदर स्वरूप कोई हाथ उठाकर नमस्ते कहता हैतो
उस ओर देखते भी नही। चिल्लाने पर आवाज भी नही सुनते क्योंकि इनके कार के शीशे बंद रहते
है।
प्रादेशिक स्तर के इस नेता का चुनाव के पूर्व इस तरह अहंकार
को देखकर जागरूक लोगो का कहना है कि जब अभी यह हाल है तो इनसे क्या उम्मीेदे की जा
सकती है। पिछले दिनो देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का रायपुर प्रवास हुआ वहां
अनेक नेताओं ने हजारो की तदाद में अपने अपने कार्यकर्ताओं को विभिन्न माध्यमो से रायपुर
भिजवा कर अपने पार्टी के प्रति प्रेम उजागर किया साथ ही उनके कहने पर हजारो कार्यकर्ताओं
ने वहां शिरकत कर अपने प्रधानमंत्री के भाषण को सुना जिसको सुनकर कार्यकर्ताओं्र का जोश देखते ही बनता
था। वही इस बडबोले नेता द्वारा किसी प्रकार
कार्यकर्ताओं्र की सुध नही ली गई। शायद इन्हें यह अहसास हो गया है कि टिकिट इन्हें
ही मिलेगी चुनाव लडकर ये जीत के प्रति आश्वास्त भी हैेलेकिन उनका व्यवहार जो अहंकार
के रूप में तब्दील हो चुका है उसे लेकर उनकी छबि पुरी तरह धुमिल होते नजर आ रही है।
कुछ लोगो ने यह भी कहा कि अगर चुनाव इन्हे लडना है तो अपने अहंकारी व्यवहार को बदलना
होगा और लोगो के अभिवादन और प्रेम का सम्मान करना होगा। एसी कार में कांच चढाकर अपने
आप को वीआईपी समझने वाले नेता अपने आप को अभी से विधायक मानकर अहंकार में डुबे नजर
आ रहे है। जनता ऐसे लोगो्र को समय आने पर बखुबी जवाब देती है।

