संजय जैन
धमतरी 19 जुलाई। संचालनालय कृषि छग अटल नगर रायपुर के पत्र क्रमांक 1072 दिनांक 12.7.2023 के द्वारा उप संचालक कृषि धमतरी, रायपुर, गरियाबंद, बलौदाबाजार, महासमुंद, दुर्ग, बेमेतरा, बालोद, कबीरधाम, खैरागढ़, राजनांदगांव, बिलासपुर, सारंगढ़, बिलाईगढ़, जांजगीर, चांपा, बस्तर को पत्र लिखकर नकली उत्पाद विक्रय करने पर अनुशासनात्मक कार्यवाही करने कहा गया है। चूंकि राजीव कुमार दत्ता उप महाप्रबंधक(एफएमसी) ने 3 जुलाई 2023 को पत्र लिखकर एक शिकायत प्रस्तुत की थी जिसके आधार पर संचालनालय रायपुर द्वारा उक्त पत्र जारी किया गया है। जिसमें जिले के अनेक दुकानदार शामिल हैं। कुछ किसानों ने प्रतिनिधि से चर्चा में बताया कि जिले में ब्रांडेड कंपनी की हूबहू पैकिंग कर नकली कृषि उत्पाद का कुछ दुकानदारों द्वारा विक्रय किया जा रहा है जिससे फसलों को नुकसान हो रहा है।
उप महाप्रबंधक श्री दत्ता के द्वारा अपने पत्र में बताया गया है कि उनके कंपनी के उत्पाद FERTERRA 4 KG IN (Cholrantraniliprole 0.4% GR) के स्थान पर नकली उत्पाद का विक्रय संबंधित जिलों के डीलर्स द्वारा कृषकों को विक्रय किया जा रहा है। इसे अपर संचालक कृषि(पौ.स.) संचालनालय कृषि छग ने गंभीरता से लेते हुए उपरोक्त पत्र 12 जुलाई को प्रेषित करते हुए उपरोक्त जिले के उपसंचालकों को तत्काल प्रावधानानुसार 07 दिवस के अंतर्गत आवश्यक कार्यवाही करते हुए प्रतिवेदन संचालनालय कृषि को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। संयुक्त संचालक कृषि रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, बस्तर संभाग को आवश्यक कार्यवाही हेतु प्रेषित किया गया है। नकली उत्पाद के धमतरी में धड़ल्ले से बिक्री की जा रही है जिससे किसानों की फसलों में इसका असर इतना गंभीर देखा जा रहा है कि अच्छी खासी फसलें खराब हो रही हैं। हालांकि इसकी पुष्टि प्रशासनिक स्तर पर नहीं की गई है परंतु क्षेत्रीय कुछ किसानों ने इस मामले पर संज्ञान लेने की अपील संबंधित विभाग से की है। उल्लेखनीय रहे कि कुछ किसानों ने प्रतिनिधि से चर्चा में बताया कि जिले में ब्रांडेड कंपनी की हूबहू पैकिंग कर नकली कृषि उत्पाद की धड़ल्ले से बिक्री जारी है। लेकिन कृषि विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता से किसानों को उनकी उपज में इससे बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऐसा नहीं है कि इसकी जानकारी विभाग के लोगों को नहीं है, परंतु मिलीभगत के चलते ऐसे लोगों पर कार्यवाही नहीं की जा रही है।
कृषि विभाग धमतरी उपरोक्त शिकायतों को गंभीरता से नहीं ले रहा है। शासन द्वारा किसानों के हितार्थ अनेक ऐसे योजनाएं चलाई जा रही हैं जिसका भी लाभ क्षेत्र के किसानों को नाममात्र के रूप में मिल रहा है जबकि प्रदेश के मुख्यमंत्री किसानों के उत्थानार्थ अनेक ऐसी योजनाएं लागू की है ताकि उनका जीवन उच्च स्तर पर आ सके। संचालनालय द्वारा लिखे गये पत्र में 07 दिवस के भीतर कार्यवाही कर संचालनालय कार्यालय को अवगत कराने का स्पष्ट निर्देश दिया गया है। 12 जुलाई को लिखे गये पत्र के अनुसार निर्धारित अवधि 07 दिवस अर्थात 19 जुलाई तक जानकारी भेजी जानी थी। इस संबंध में कृषि उप संचालक मोनेश साहू से संपर्क कर उनका पक्ष लिये जाने पर उन्होंने बताया कि शासन से पत्र प्राप्त हुआ है जिस पर जिले के पांच दुकानों का नाम शामिल था, उन दुकानों की जांच विभाग की टीम ने की है। इनमें से दो दुकानों में संबंधित कृषि उत्पाद बरामद हुआ है जिसे जांच के लिये प्रयोगशाला भेजा गया है वहीं तीन दुकानों में उक्त उत्पाद नहीं मिला है। बरामद किये गये उत्पाद की प्रयोगशाला में जांच करवाने भेजा गया है, यदि इसमें किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो इस पर उन दुकानों के मालिकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया जायेगा। श्री साहू ने आगे यह भी कहा है कि शासन के मंशानुरूप किसानों को कृषि विभाग हर संभव उनकी शिकायतों के निराकरण के लिये सदैव तत्पर है। जहां तक संचालनालय के पत्र का सवाल है, उस पर कार्यवाही जारी है।


