विकास शुल्क की राशि को ईपीएफ में देना गलत,उसे वापस कर शहर के 40 वार्डो के विकास में लगाया जाए- नरेंद्र रोहरा

धमतरिहा के गोठ
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संजय जैन 

धमतरीनगर निगम हमेशा से भ्रष्टाचार और विवादों में घिरा होता है,जिसको लेकर तेज तरार नेता प्रतिपक्ष नरेंद्र रोहरा आवाज उठाकर स्थानीय जनप्रतिनिधि अधिकारियों एवं जनता को अवगत कराते रहते है। इसी क्रम में नगर निगम द्वारा भवन अनुज्ञा से प्राप्त विकास शुल्क के करोड़ों रुपए की राशि को शहर विकास में न लगाकर ईपीएफ  की राशि में लगा दिया है, जिसे 40 वार्ड की  वार्ड पार्षद और जनता से धोखा किया गया है,और शहर विकास में ग्रहण लगाने का काम किया है। जिस पर नेता प्रतिपक्ष नरेंद्र रोहरा से उक्त विषय में मांग करते हुए आयुक्त विनय कुमार से ईपीएफ की राशि वापस विकास शुल्क में खाते में डाला जाए और शहर विकास में लगाने की बात कही है।

        गौरतलब है कि घर एवं अन्य निर्माण के लिए नागरिकों द्वारा नगर निगम में भवन अनुज्ञा लिया जाता है जिसके तहत हितग्राहियों द्वारा हजारों लाखों रुपए की राशि जमा कर भवन अनुज्ञा प्राप्त की जाती है जिसे विकास शुल्क कहा जाता है, उक्त विकास शुल्क  जिन वार्डों में भवन अनुज्ञा जारी की जाती है यह राशि उन्हें वार्ड में खर्च किया जाने का प्रावधान है मगर लगभग 19000000 रुपया इस राशि को अन्य मद में खर्चा कर उन्होंने 40 वार्डों के साथ विकास के साथ धोखा किया है अनुज्ञा शहर विकास के लिए जमा की जाती है लेकिन नगर निगम द्वारा उक्त राशि को विकास कार्यों की जगह ईपीएफ  में भुगतान किया गया है जिसे लेकर पार्षदों के बीच रोष व्याप्त है पार्षदगण राजेंद्र शर्मा धनीराम सोनकर, बिशन निषाद ,दीपक गजेंद्र, श्यामलाल नेताम  प्रकाश सिन्हा हेमंत बंजारे विजय मोटवानी अज्जू   देशलहरे, मिथिलेश सिन्हा ,ईश्वर सोनकर , प्राची सोनी ,सरिता आसाई श्यामा साहू ,सुशीला तिवारी ,रश्मि  दिवेदी ,नीलू डागा,रितेश नेताम, शामिल हैं।



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